ना मोदी, ना बिप्लब त्रिपुरा में जीत की आरएसएस ने बताई ये बड़ी वजह
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर राज्यों में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने बंपर जीत दर्ज की है उसके पीछे आरएसएस का बड़ा हाथ है। दरअसल पिछले वर्ष आरएसएस ने एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसका लोगों पर काफी असर पड़ा था। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महासचिव भैय्या जी जोशी ने आरएसएस की वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदू सम्मेलन काफी प्रेरणादायक था और इसका हर किसी पर काफी प्रभावी असर देखने को मिला। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में पिछले वर्ष सितंबर माह में यह विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया था, जोकि काफी प्रेरणादायक था

एक लाख घरों में फहराया भगवा
इस कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए आरएसएस की ओर से कहा गया कि यह सम्मेलन अगरतला में 17 सितंबर 2017 को आयोजित किया गया था, जिसकी तैयारी 2016 में जून माह में शुरू कर दी गई थी। इस सम्मेलन के तहत हर इलाके के एक-एक आदिवासी ग्रुप से मिलने की योजना बनाई गई थी। लोगों के इसके लिए व्यक्तिगत तौर पर न्योता भेजा गया था। हर घर में भगवा झंडा लगाया गया था, जिसके चलते हमने तकरीबन एक लाख घरों तक अपनी पहुंच बनाई थी। आरएसएस का यह कार्यक्रम हर मायने में काफी अहम साबित हुआ।
500 गांव के लोगों ने की शिरकत
यह विशाल हिंदू सम्मेलन जिसमे बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की थी, उसमे सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपना उद्बोधन दिया था। इस सम्मेलन में त्रिपुरा और अन्य राज्यों के 500 से अधिक गांव के एक लाख लोगों ने हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में हर वर्ग से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमे सामाजिक संगठन से जुड़े लोग, धार्मिक संगठन से जुड़े लोग, औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल थे। इन लोगों का इस कार्यक्रम में शामिल होना इस बात का साफ संकेत देता है कि ये लोग हमारे साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।
बिप्लव बने सीएम
त्रिपुरा में लेफ्ट के 25 वर्ष के कार्यकाल के बाद यहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है और बिप्लव कुमार देब ने यहां मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल तथागत रॉय ने शपथ ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित कराया, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी समेत तमाम भाजपा के नेता मौजूद थे।












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