हेमा मालिनी ने की मोदी सरकार से अपील, कोरोना मरीजों के लिए लगाई जाए विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट की ड्यूटी
सांसद हेमामालिनी
नई दिल्ली, 18 मई: कोरोना महामारी की दूसरी लहर में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में एक है। मथुरा से सांसद एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने उत्तर प्रदेश के वृज क्षेत्र में कोविड -19 संकट काफी परेशान नजर आईं। मथुरा सांसद हेमामालिनी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विदेश से मेडिकल ग्रेजुएट डाक्टरों को कोविड -19 ड्यूटी पर तैनात करने का आग्रह किया है। सांसद ने आग्रह किया है कि इस संकट के समय में इन डाक्टरों को औपचारिकताओं के बिना कोरोनोवायरस रोगियों का इलाज करने की अनुमति दी जाए।
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कोविड -19 मामलों में अत्यधिक वृद्धि के कारण प्रशिक्षित चिकित्सा प्रोफेशलन की भारी कमी पर प्रकाश डालते हुए, हेमा मालिनी ने मीडिया के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि कई विदेशी चिकित्सा स्नातकों ने कोविड -19 वार्डों में काम करने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि, उन्हें भारत में डॉक्टर के रूप में काम करने की अनुमति नहीं है जब तक कि वे विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) पास नहीं कर लेते।
कोरोना की गंभीरता को देखते हुए इन डाक्टरों पर लगातना समझदारी होगी
हेमा मालिनी ने आगे कहा कि ऐसे विदेशी मेडिकल डिग्री धारक देश के सभी जिलों में मौजूद है और कोविड-19 की दूसरी लहर की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उन्हें कोविड -19 रोगियों का इलाज करने की अनुमति देना ही समझदारी होगी।
महामारी के दौरान अपनी सेवाएं मुफ्त देने को तैयार है
इंडियन फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट्स (IFMS) वेलफेयर एसोसिएशन के सूत्रों ने कहा कि IFMS एक साल के लिए महामारी के दौरान अपनी सेवाएं मुफ्त देने को तैयार है, जिससे देश को कम से कम 4,500 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। करीब 100 सांसदों, विधायकों और मंत्रियों ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जबकि देश डॉक्टरों और अन्य मेडिकन प्रोफेशनल की भारी कमी से जूझ रहा है।












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