Weather Updates: आसमान से कब बरसेंगी राहत की फुहारें? जानिए मौसम विभाग का अपडेट
नई दिल्ली, 02 अप्रैल: इस साल मार्च के महीने में पड़ी भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। इस बार मार्च 122 साल में सबसे ज्यादा गर्म रहा है। 2010 की मार्च में अधिकतम औसत तापमान का औसत 33.09 डिग्री सेल्सियस रहा था लेकिन मार्च 2022 में औसत तापमान 33.1 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले सालों में लू की तीव्रता बढ़ती जाएगी। भीषण गर्मी का प्रकोप झेल रहे लोग अब बारिश की राहत भरी फुहारों का इंतजार कर रहे हैं।

देश के कई राज्यों में हीट वेव अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, 02 और 03 अप्रैल को जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और गुजरात में हीट वेव की संभावना है। जबकि 02-04 अप्रैल के दौरान झारखंड में; और 02-06 अप्रैल के दौरान राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर पश्चिम, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में अप्रैल में सामान्य से अधिक तापमान रहने की उम्मीद है।

अप्रैल सूखा रहने के आसार
मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर और मध्य भारत में फिलहाल लू और गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूरा अप्रैल महीना सूखा रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अगले 10 दिनों तक बारिश के भी आसार नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और आस-पास के इलाकों में अप्रैल के पहले सप्ताह में लू यानी हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में मार्च महीने में भीषण गर्मी पड़ी और अधिकतम तापमान तीन स्थानों पर 41 डिग्री को पार कर गया।

इस महीने कुछ राज्यों में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और पंजाब) के कुछ जिलों में अगले चार दिन के दौरान भीषण लू चलने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने कहा कि एक अप्रैल से उत्तर पश्चिम भारत में लू की तीव्रता कम हो जाएगी। इसके अलावा, भारत के कई राज्यों में अप्रैल में औसत की सामान्य बारिश होने की उम्मीद है। आईएमडी ने कहा कि उत्तर पश्चिम और मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अप्रैल में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की आशंका
अप्रैल में सामान्य (लंबी अवधि का 89-111%) बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम कार्यालय ने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीप के कई हिस्सों, मध्य भारत के पश्चिमी हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, 02 से 04 अप्रैल के दौरान अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी वर्षा और 03 और 04 अप्रैल को मेघालय में अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है।

अंडमान में भी बारिश का अनुमान
वहीं 06 अप्रैल को दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के इलाकों में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव में, अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक , 6 अप्रैल को निकोबार द्वीप समूह में भारी वर्षा की संभावना है। वहीं दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में खराब मौसम (हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे से 60 किमी प्रति घंटे तक) की संभावना है। मछुआरों को इस क्षेत्र में ना जाने की सलाह दी गई है।












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