जम्मू-कश्मीर में 4जी सेवा की याचिका पर 4 मई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी। जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले में 4 मई को सुप्रीम कोर्ट 4जी इंटरनेट सेवाओं की बहाली वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इससे पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि 4जी सेवा बहाली से कश्मीर घाटी में देश विरोधी गतिविधियां बढ़ेंगी।

दरअसल अगस्त 2019 में मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा लिया था। इस दौरान हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट और फोन सेवा पर पाबंदी लगा दी गई थी। तब से आज तक जम्मू-कश्मीर के लोगों को 4जी सेवा नहीं मिल पा रही है। वहीं केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 2जी सेवाओं को बहाल कर दिया था। इसके बाद से 4जी सेवा बहाल करने की मांग की जा रही थी। इसी बीच कुछ संस्थाओं ने 4जी इंटरनेट सेवा की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर 4 मई को सुनवाई होगी।
प्रशासन ने किया था विरोध
इससे पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि आतंकवादी संगठन और देश विरोध लोग घाटी में जनता को फेक न्यूज के जरिए भड़काते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में देश विरोधी वीडियो को भी वायरल किया जाता है। वहीं कई आतंकी संगठन वीडियो जारी करके युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की अपील करते हैं। जिस वजह से प्रशासन 4जी सेवाओं को नहीं बहाल करना चाहता है। जम्मू-कश्मीर में 2जी सेवा बहाल है। 2जी सेवाओं से आतंकियों के मंसूबे नहीं कामयाब होते हैं।












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