खतरनाक फंगल इंफेक्शन पर नई एडवाइजरी, जानें कैसे आप कर सकते हैं इससे बचाव
नई दिल्ली, मई 9: साल 2020 में दुनिया में जब कोरोना महामारी फैली तो लोगों ने उसे सबसे बुरा साल माना, लेकिन अब नया साल नए रंग दिखा रहा है। एक ओर कोरोना महामारी की दूसरी लहर जमकर कहर बरपा रही, तो वहीं दूसरी ओर रिकवर हुए मरीजों में फंगल इंफेक्शन 'म्यूकोरमाइकोसिस' का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों में इसके सैकड़ों केस सामने आए हैं। इसमें वक्त पर इलाज नहीं मिलने से मरीज अपनी जान गंवा रहे या फिर वो अंधेपन का शिकार हो जा रहे हैं। मामले में अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी एडवाइजरी जारी की है।

ये हैं ब्लैक फंगस के लक्षण
- आंखों या नाक के आसपास दर्द और लालिमा
- बुखार
- सिरदर्द
- खांसी
- सांस लेने में कठिनाई
- खूनी उल्टी
- बदली हुई मानसिक स्थिति

क्या है फंगस की वजह?
- अनियंत्रित मधुमेह (शुगर)
- स्टेरॉयड द्वारा इम्यूनोसप्रेशन
- लंबे समय तक आईसीयू में रहना
- गंभीर बीमारी या फिर किसी अंग का ट्रांसप्लांट
- वोरिकोनाज़ोल थेरेपी

बचने के लिए क्या करें?
- हाइपरग्लाइसीमिया को नियंत्रित करें।
- कोरोना से ठीक होने के बाद मधुमेह की नियमित जांच करते रहे।
- स्टेरॉयड का उपयोग ध्यान से करें। सही समय पर सही खुराक लें।
- ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान साफ पानी का इस्तेमाल करें।
- एंटीबायोटिक्स / एंटीफंगल का इस्तेमाल सही ढंग से करें।

ये बिल्कुल भी ना करें
- अगर आपके अंदर कोई लक्षण हैं, तो उसे इग्नोर ना करें।
- नाक बंद होने की स्थित को नजरअंदाज ना करें तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- फंगल इंफेक्शन का पता लगाने वाली जांच से संकोच ना करें।

इन बातों का करें पालन
- अगर आप धूल भरे कंस्ट्रक्शन साइट्स पर जा रहे हैं तो मास्क का इस्तेमाल करें।
- मिट्टी, काई या खाद से संबंधित काम करते हुए जूते, लंबी पतलून, लंबी आस्तीन वाली शर्ट और दस्ताने पहनें।
- व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें। जिसमें अच्छी तरह से स्क्रब बाथ शामिल है।












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