'मेरे गले लगाने को उन्होंने रेप का नाम दे दिया'

सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स
Getty Images
सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स

'स्कूल फंक्शन था. मेरी दोस्त परफॉर्म कर रही थी. परफ़ॉर्मेंस ख़त्म हुआ तो मेरे पास आई. पूछा, कैसा किया? मैंने उसे गले लगाया और कहा अच्छा किया.'

क्या किसी को गले लगाकर ये कहना कि तुमने अच्छा परफ़ॉर्म किया, गुनाह है? 12वीं में पढ़ने वाले अमित (बदला हुआ नाम) को समझ ही नहीं आ रहा कि उनसे और उनकी दोस्त से ऐसी क्या ग़लती हो गई जो उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया. अमित ने बताया, 'मेरे मन में कुछ ग़लत नहीं था. मैंने तो उसे स्टाफ़ रूम के बाहर गले लगाया था.'

केरल के तिरुवनंतपुरम के सेंट थॉमस सेंट्रल स्कूल में 'गले लगाने' को अपराध बताकर दो बच्चों को अगस्त में स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया था. सस्पेंड किए जाने के बाद पीड़ित पक्ष ने बाल अधिकार आयोग का सहारा लिया था. हालांकि पिछले ही सप्ताह केरल हाई कोर्ट ने स्कूल के पक्ष में फ़ैसला सुनाया है.

सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स
Getty Images
सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स

क्या हुआ था उस दिन?

अमित बताते हैं, "मैं उसे बधाई दे रहा था. तभी वहां से एक टीचर गुज़रीं और हमें देखते ही वो कुछ इस तरह चीखने लगीं जैसे हम कुछ ग़लत कर रहे हों. उन्होंने हमसे कुछ पूछा ही नहीं और सीधे वाइस-प्रिंसिपल के पास ले गईं. हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि हम ऐसा कुछ भी नहीं कर रहे थे. हम नॉर्मली बधाई दे-ले रहे थे."

अमित कहते हैं, "मुझे समझ ही नहीं आया कि क्यों एक सामान्य व्यवहार को सेक्शुअल एक्टिविटी का रंग दे दिया? उसके बाद हमसे लिखित में माफ़ी मांगने के लिए कहा गया. हम दोनों वहां खड़े थे. हमें कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि हमनें ऐसा किया क्या है? बावजूद इसके हम माफ़ी मांग रहे थे."

उन्होंने कहा, "इसके बाद हम दोनों के माता-पिता, प्रिंसिपल हर किसी को इसमें शामिल कर लिया गया. लेकिन बात कुछ और थी और किसी और ढंग से पेश की गई. मैं पहले किसी और स्कूल में था लेकिन वहां कॉमर्स स्ट्रीम नहीं था. कॉमर्स पढ़ने के लिए मैं यहां आया लेकिन 11वीं में एडमिशन के बाद से ही मेरे साथ भेदभाव होता रहा."

सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स
Getty Images
सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स

क्या कारण लगता है?

अमित कहते हैं, "मुझे नहीं पता मेरी क्लास टीचर को मैं क्यों पसंद नहीं था. वो मुझे हर छोटी-छोटी बात के लिए तंग करती थीं. बहुत बार कोशिश की कि अपने माता-पिता को ये समझा सकूं लेकिन समझा नहीं सका."

जिस दिन ये सबकुछ हुआ उस दिन शनिवार था और उसके बाद से वे दोनों कभी स्कूल ही नहीं गए. इस घटना के बाद अमित के माता-पिता आए. उन्होंने प्रिंसिपल से बात की लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि अब जो करना है वो सेक्रेटरी करेंगे.

अमित बताते हैं, "उन्होंने मुझे मेरे माता-पिता और दादी के सामने गाली दी. मेरे लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जैसे मैंने किसी को गले नहीं लगाया बल्कि रेप कर दिया हो. मैंने अपनी दोस्त को उसकी सहमति से ही गले लगाया था. उसने कोई शिकायत नहीं की थी."

सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स
Reuters
सेंट थॉमस स्कूल, केरल, सस्पेंड, गले लगाना, स्टूडेंट्स

'लड़की को बयान बदलने के लिए कहा'

अमित की दोस्त सरिता (बदला हुआ नाम) ने हमें बताया कि उन पर अमित के ख़िलाफ़ बयान देने का दबाव डाला गया. उनसे कहा गया कि वो कहें कि अमित ने उन्हें उनकी मर्ज़ी के खिलाफ़ गले लगाया था.

अमित कहते हैं, "एक छोटी सी बात ने मेरे परिवार का सुकून छीन लिया. मेरे पापा ऑटोमोबाइल इंजीनियर हैं. उन पर इतना दबाव था कि उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया." शायद आयोग के पास जाना ही स्कूल वालों को सबसे बुरा लगा. उनका कहना था कि मैं एग्ज़ाम तो दे सकता हूं लेकिन क्लास नहीं ले सकता. ये तो मेरे मौलिक अधिकार का हनन था. मैं बारहवीं में हूं. बोर्ड का एग्ज़ाम है."

सरिता कहती हैं कि शुरुआती समय बहुत मुश्किल था. तरह-तरह के आरोप लगे. परिवार को भी हर तरीक़े से परेशान किया गया. इतनी टेंशन थी कि रात-रातभर नींद नहीं आती थी लेकिन अब वो अपने हक़ के लिए लड़ना चाहती हैं.

निजता का हनन

हालांकि अमित से अलग उन्होंने किसी भी तरह की कानूनी मदद लेने की बात नहीं कही. अमित का कहना है, "मैं और मेरी दोस्त एक-दूसरे से काफ़ी करीब हैं और हमारे घरवाले इस बारे में जानते हैं. हमारे इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर हमारी कई तस्वीरें थी. स्कूल ने हमारी उन निजी तस्वीरों का इस्तेमाल हमें बेइज्ज़त करने के लिए किया."

सरिता का भी यही कहना है. उनका आरोप है कि उन्होंने एक दूसरे स्कूल में एडमिशन लेने की कोशिश की स्कूल ने दूसरे स्कूलों को भी गलत सूचनाएं दे रखी हैं. अमित कहते हैं मैंने कुछ भी ग़लत नहीं किया तो मैं ये सब क्यों बर्दाश्त करूं. वो मुझे अपराधी की तरह ट्रीट कर रहे हैं.

अमित के मुताबिक़, "अब स्थिति ये है कि उन्होंने हमारी तस्वीरें पब्लिक कर दी हैं, इससे दूसरे स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल रहा. सब कह रहे हैं कि मैंने उसे पांच मिनट तक बांहों में जकड़े रखा, क्या ये संभव है? मैं इस लड़ाई को लड़ूंगा. कोई मुझे पढ़ने से या परीक्षा देने से कैसे रोक सकता है? अब मैं हाई कोर्ट के डिवीज़न बेंच जाऊंगा."

स्कूल का क्या कहना है?

एक ओर जहां अमित का कहना है कि उन्हें सिर्फ दोस्त को गले लगाने के लिए सज़ा दी जा रही है वहीं स्कूल का कहना है कि दोनों विद्यार्थियों का व्यवहार सही नहीं था.

30 नवंबर को जारी एक रिलीज़ में स्कूल ने 'चार्जशीट' का ज़िक्र किया है, जो 22 सितंबर को दाखिल की गई थी.

अमित पर आरोप है कि उन्होंने अपने से उम्र में कम लड़की को सार्वजनिक तौर पर गले लगाया. इसके अलावा उन पर इंस्टाग्राम पर तस्वीरें पोस्ट करने का भी आरोप है.

उन्हें दोषी बताते हुए स्कूल आकर ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने की बात कही गई है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+