कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं हार्दिक पटेल, जामनगर से लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा
गांधीनगर। गुजरात में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की बात से सियासी हलकों में हलचल मच गई, जो लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के साथ औपचारिक रूप से हाथ मिलाने के लिए तैयार है। पार्टी के साथ बातचीत के बाद, हार्दिक के जामनगर से चुनाव लड़ने की सबसे अधिक संभावना है। वहीं पाटीदार अनामत अंदोलन समिति (PAAS) के सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस और हार्दिक पटेल बड़ी घोषणा कर सकते है। कांग्रेस के प्रमुख सूत्रों ने कहा कि हार्दिक ने दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात की है और इस महीने पार्टी में शामिल होने के लिए योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है।12 मार्च को हार्दिक कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं।

गुजरात कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने कहा कि 12 मार्च को अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगली जनसभा में जन संकल्प रैली में बड़ी घोषणा की जा सकती है। गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि, ' गुजरात कांग्रेस हार्दिक पटेल का पार्टी में स्वागत करेगी, यदि हार्दिक चुनाव में शामिल होना चाहते हैं तो शामिल हो सकते हैं। यहां तक कि चुनाव भी लड़ सकते हैं। वह युवाओं और किसानों के बीच मजबूत और एक अच्छे सामुदायिक नेता हैं।'
हार्दिक पटेल के करीबी सूत्रों ने कहा कि उनके जामनगर सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'सांसद पूनम माडम भाजपा की मजबूत उम्मीदवार हैं। दरअसल कांग्रेस के विक्रम माडम जो पूनम के चाचा है, जिन्होंने इस सीट पर बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है, उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। हार्दिक के एक करीबी सहयोगी ने कहा, 'पटेलों, मुस्लिमों और दलितों की एक बड़ी आबादी के साथ, हार्दिक के पास इस क्षेत्र में एक मजबूत मौका है। हार्दिक पटेल के लिये अमरेली और मेहसाणा सीटों पर भी सक्रियता से विचार किया जा रहा है।'
हालांकि हार्दिक के एक अन्य करीबी सहयोगी ने कहा, 'हार्दिक और कांग्रेस के नेताओं में संदेह है क्योंकि अमरेली में लेउवा पटेलों की बड़ी आबादी है, जबकि हार्दिक कड़वा पटेल हैं। मेहसाणा में उनका प्रवेश कानूनी रूप से नहीं हो सकता है।' जबकि हार्दिक के समकक्षो - ठाकोर समुदाय में अल्पेश ठाकोर और दलित समुदाय में जिग्नेश मेवाणी, 2017 के विधानसभा चुनावों में क्रमशः कांग्रेस उम्मीदवार और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े और जीते। तब हार्दिक बस इसलिए चूक गए क्योंकि वह 25 साल के नहीं थे। हार्दिक पिछले साल जुलाई में 25 साल के हो गए हैं और तब से 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए एक प्रबल उम्मीदवार माने जाते हैं।
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