Hajipur Chunav: 'पापा ने हाजीपुर को मां माना था, मैं भी...', रामविलास के चिराग क्या बचा पाएंगे उनकी विरासत?
Hajipur Lok Sabha Chunav 2024 Voting: लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान के लिए आज सबसे बड़ी परीक्षा है। चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवाल की परंपरागत हाजीपुर सीट से पहली बार चुनावी मैदान में हैं और आज 20 मई को वहां वोटिंग हो रही है।
पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब चिराग पासवान के कंधों पर है। हाजीपुर से रामविलास पासवान 9 बार सांसद रह चुके हैं। 1977 के चुनाव के बाद से हाजीपुर सीट पर रामविलास पासवान का दबदबा कायम रहा था। 1984 और 2009 का चुनाव छोड़कर, वो यहां से हर चुनाव जीते हैं।

चिराग का वादा- 'मेरे पिता ने हाजीपुर को मां माना था, मैं परिवार मानकर सेवा करूंगा'
चिराग पासवान ने हाजीपुर की जनता को विश्वास दिलाया है कि, 'जैसे मेरे पिता ने हाजीपुर को मां माना था, ठीक वैसे ही मैं हाजीपुर की परिवार मानकर सेवा करूंगा।'
पहली बार अपने पिता की सीट से चुनावी मैदान में उतरे चिराग पासवान ने वोटिंग वाले दिन ये भी अपील की है कि, 'हाजीपुर की जनता ने जितना भरोसा राम विलास पासवान पर दिखाया था उतना ही उन पर भी दिखायें।'
अपनी मां वीणा पासवान के साथ वोटिंग वाले दिन मंदिर पहुंचे चिराग पासवान ने कहा है कि, ''जब भी कोई बड़ा दिन होता है, मैं महादेव का आशीर्वाद लेने आता हूं। मैं उनका भक्त हूं...आज मैं जो कुछ भी हूं यह सब उनके आशीर्वाद की वजह से हूं। मेरे पास जो कुछ भी है, वह सब उनका दिया हुआ है। एक समय था जब मुझसे सब कुछ छीन लिया गया था, अगर इसके बाद मुझे कुछ और चाहिए तो मैं लालची हो जाऊंगा।''
हाजीपुर की जनता का भरोसा नहीं टूटने दूंगा: चिराग पासवान
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि,
''आशीर्वाद और प्यार से, समृद्ध हाजीपुर का सपना साकार करूंगा। हाजीपुर की देवतुल्य जनता का ये विश्वास कभी टूटने नहीं दूंगा। मेरे पिता का नाम हाजीपुर की वजह से देश-दुनिया में जाना जाता है। पापा ने हाजीपुर को मां मानकर यहां के लोगों की सेवा की ठीक मैं भी हाजीपुर के परिवारजनों की सेवा करूंगा।''
चिराग पासवान का कहना है कि वह अपने पिता की विरासत और उनकी दिए संस्कारों को आगे लेकर जाने में कोई कसर नहीं छोडूंगा। चिराग पासवान ने कहा कि, ''मेरे पिता ने भी कभी पोस्ट पोल अलायंस नहीं किए। इनकी सरकार बन रही है, इसलिए इनके साथ जा रहा हूं, ये कभी नहीं किया। हां, इसको मैं शुभ संकेत जरूर मानूंगा कि जिस तरफ हम जाते हैं, सरकार उधर बन जाती है।''

चिराग पासवान ने कहा है कि,
''मुझे लगता है हाजीपुर के साथ यह रिश्ता बचपन से मेरे साथ है। विकास जो काम उन्होंने किए हैं उसे आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ मैं निकला हूं। जमुई में भी मुझे 10 साल का समय मिला। नीति आयोग की रिपोर्ट प्रमाणित करती है कि जो जमुई 99 स्थान पर था उसे नंबर के एक पर लाया है। यह कार्य करने का अनुभव है और हाजीपुर में इसी अनुभव के आधार पर कार्य को धरातल पर उतारा जाएगा। देशभर में हमारा गठबंधन 400 पार कर रहा है लेकिन INDI गठबंधन को कम सीटें मिलेंगी।''
हाजीपुर लोकसभा सीट: विरासत बनाम कास्ट फैक्टर में जंग
इस बार हाजीपुर में चिराग पासवान जहां अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की लड़ाई लड़ रहे हैं तो दूसरी ओर महागठबंधन के उम्मीदवार ने बाहरी भीतरी का मुद्दा उठाकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। हाजीपुर में अब विरासत बनाम कास्ट फैक्टर की जंग है।
राजनीतिक एक्सपर्ट की मानें तो हाजीपुर में चिराग पासवान के लिए उनके पिता द्वारा किए गए कार्यों और पीएम मोदी का फैक्टर काम कर सकता है। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के उम्मीदवार शिवचंद्र राम के लिए बिहार की जातीय आधारित राजनीति काम कर सकती है। यही वजह है कि इस बार चिराग पासवान और शिवचंद्र राम में कड़ी टक्कर है। इससे पहले भी शिवचंद्र राम, रामविलास पासवान और पशुपति कुमार पारस के साथ चुनावी मैदान में जंग लड़ चुके हैं।

पीएम मोदी चिराग को बुला चुके हैं बेटा
पीएम नरेंद्र मोदी ने हाजीपुर में एक चुनावी रैली में चिराग पासवान को अपना बेटा बुलाया था। पीएम मोदी ने चिराग के सांसद के तौर पर किए गए कामों की भी तारीफ की थी।
चिराग पासवान ने इसको लेकर कहा था कि,
''मुझे नहीं लगता कि मेरे प्रधानमंत्री जी ने पांच मिनट तक किसी और की इस तरीके से तारीफ की होगी, जैसी उन्होंने हाजीपुर के मंच से मेरी की। प्रधानमंत्री जी का ये कहना कि 2014 से वे मुझे नोटिस कर रहे हैं कि मैं पार्लियामेंट को और अपने सांसद होने को कितनी गंभीरता से लेता हूं। 2014 से 2019 तक संसद में मेरी उपस्थिति सौ फीसद रही। प्रधानमंत्री जी का ये नोटिस करना, मुझे अपना बेटा कहना, मेरे लिए बड़ी बात है। ये रिश्ता कोई नहीं समझ पाया जो मेरा, मेरे प्रधानमंत्री जी के साथ व्यक्तिगत तौर पर रहा है।''












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