किसान आंदोलन पर भड़के गुजरात के डिप्टी CM,कहा- इसमें पाकिस्तानी, खालिस्तानी हैं, पिज्जा-पकौड़ी खा रहे ये लोग..
किसान आंदोलन पर भड़के गुजरात के डिप्टी CM,कहा- इसमें पाकिस्तानी, खालिस्तानी हैं, पिज्जा-पकौड़ी खा रहे ये लोग...'
Gujarat's Deputy CM Nitin Patel on Farmers Protest: केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन जारी है। किसान आंदोलन के 22 दिन बीत चुके हैं। किसान के विरोध प्रदर्शन पर अब गुजरात के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन पटेल ने विवादित बयान दिया है। नितिन पटेल ने गुरुवार (17 दिसंबर) को अपने बयान में दावा किया है कि इस किसान आंदोलन में पाकिस्तानी, खालिस्तानी, और आतंकी घुस आए हैं। नितिन पटेल ने कहा है कि किसान वहां बैठकर आराम से पिज्जा और पकौड़ी खा रहे हैं...उन्हें ये सब फ्री में मिल रहा है। उन्होंने दावा किया है कि वहां देश विरोधी तत्व बैठे हैं।

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पिज्जा, पकौड़ी खाते देख सकते हैं आप किसानों को- नितिन पटेल
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक नितिन पटेल ने कहा है, ''किसानों के नाम पर, राष्ट्र-विरोधी तत्वों, आतंकवादियों, खालिस्तानियों, कम्युनिस्टों और चीन समर्थक लोगों ने आंदोलन में भाग लिया है। हम उन्हें पिज्जा, पकौड़ी खाते देख सकते हैं ... जो मुफ्त में मिल रहा है, ये राष्ट्र-विरोधी तत्व हैं। विरोध करने के लिए उन्हें लाखों रुपये दिए जा रहे हैं। ये सब फ्री में नहीं हो रहा है। किसान आंदोलन में भाग लेने वाले कई लोग आतंकवादियों, खालिस्तानियों, कम्युनिस्टों और चीन के समर्थक लोग हैं।''
लोकसभा और राज्यसभा की क्या आवश्यकता है?- नितिन पटेल
नितिन पटेल ने गुरुवार (17 दिसंबर) को पंचमहल जिले में एक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, किसी भी समस्या का हल बातचीत से निकाला जा सकता है। एक कानून जो संसद द्वारा पारित किया गया है, उसको निरस्त करने की मांग के सथ चर्चा नहीं करने का सिर्फ एक ही दृष्टिकोण समझ के परे है। हम एक लोकतंत्र में रहते हैं, इस कानून को राज्यसभा बहुमत के साथ, लोकसभा बहुतमत के साथ, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। उसको रद्द करने की मांग का क्या मतलब है....फिर बताइए कि लोकसभा और राज्यसभा की क्या आवश्यकता है?
ये पूरे पंजाब को भारत से अलग करने का आंदोलन कर रहे हैं: नितिन पटेल
नितिन पटेल ने कहा, मैं युवा पीढ़ी को बताना चाहता हूं कि .जब भारत और चीन के बीच पहला युद्ध हुआ था, इन कम्युनिस्टों ने-किसानों के आंदोलन में दरांती और हथौड़े के प्रतीक वाले ध्वज ने चीन का खुले तौर पर समर्थन किया था। ऐसे साम्यवादी, खालिस्तानी जो पूरे पंजाब को भारत से अलग करने का आंदोलन कर रहे हैं।''
हालांकि नितिन पटेल ने यह भी कहा कि सारे किसान आंदोलन में भाग लेने वाले लोग ऐसे नहीं है, लेकिन इसमें 5 हजार से 25 हजार लोग ऐसे आ गए हैं, जो देश विरोधी हैं। ऐसे लोग जो चाहते हैं कि देश में अराजकता फैले, लोग सरकार से नाराज रहें।












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