Gujarat Assembly Elections 2017: हार्दिक पटेल फंस गए हैं बीजेपी के चक्रव्यूह में?

नई दिल्ली। गुजरात चुनाव में बीजेपी एक एक कर उन सभी फैक्टर्स को दूर करने में जुटी हुई है जिनको लेकर पार्टी चिंता में थी। उनमें दो सबसे बड़े फैक्टर्स थे। एक तो पाटीदार समाज का विरोध और दूसरा जीएसटी-नोटबंदी को लेकर व्यापारियों का गुस्सा। आर्थिक मुद्दे पर पिछले एक हफ्ते में जीएसटी में सुधार और मूडीज की रैकिंग के बाद पार्टी के हौंसले बुलंद है। इस मुद्दे को नरम करने के बाद पार्टी को दूसरे मोर्चे पर और फतह करनी है और ये मुद्दा है हार्दिक पटेल का। पाटीदार समाज की अगुवाई का दावा कर रहे हार्दिक पटेल लगातार बीजेपी की नाक में दम किए हुए हैं और अब बीजेपी उनके इस दंभ को तोड़ने में जुट गई है। उनके लिए जो चक्रव्यूह तैयार हो रहा है उसमें हार्दिक पटेल के साथ ही कांग्रेस मुश्किल में घिर सकती है।दरअसल हार्दिक पटेल लगातार बीजेपी को ललकारने की हिमाकत कर रहे थे और इससे कांग्रेस उत्साहित हो रही थी लेकिन पिछले एक हफ्ते में हालात बदले हैं। पार्टी उनके करीबियों को साधने में पिछले महीने से ही जुटी हुई है और एक एक कर इसमें कामयाबी भी मिलने लगी है। खास तौर से सीडी कांड के बाद बीजेपी उत्साहित है और हार्दिक पटेल खेमा बैकफुट पर। इसी मौके को ताड़ कर उनके कुछ और करीबी बीजेपी की शरण में आ गए हैं।

वरुण पटेल और रेशमा पटेल

वरुण पटेल और रेशमा पटेल

बीजेपी ने सबसे पहले वरुण पटेल और रेशमा पटेल को लिया था जो हार्दिक पटेल के करीबी थे। अब केतन पटेल और चिराग पटेल भी आ गए हैं। इनके अलावा अमरीश और श्वेता भी बीजेपी में पहुंच चुके हैं जो हार्दिक के सहयोगी रहे हैं। इस तरह बीजेपी आधा दर्जन हार्दिक सहयोगियों पर निशाना साध चुकी हैं और बाकी पर निशाना साधने की कोशिश जारी है। आने वाले दिनों में हार्दिक पटेल की टीम के कई और सदस्य बीजेपी में जा सकते हैं।

 पाटीदार समाज

पाटीदार समाज

इसके लिए बाकायदा बीजेपी के पाटीदार नेताओं की टीम दिन रात एक करने में जुटी हुई है। इसकी अगुवाई उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल कर रहे हैं। उन पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वो पाटीदार समाज को बीजेपी के करीब लाएं और हार्दिक पटेल की अगुवाई में जो माहौल बिगड़ा है उसे सुधारा जाए। ये नितिन पटेल के लिए भी बड़ी चुनौती है और उनका राजनीतिक भविष्य भी इसी पर टिका है। इसमें उन्होंने कामयाबी पाई है।

हार्दिक पटेल की सीडी के बाद माहौल बदला

हार्दिक पटेल की सीडी के बाद माहौल बदला

खास तौर से हार्दिक पटेल की सीडी के बाद माहौल बदला है। जहां उनके सहयोगी छिटकने लगे हैं वहीं पाटीदार समाज में भी हार्दिक पर सवाल उठने लगे हैं। यही नहीं कांग्रेस भी नरम पड़ी है। जिस हार्दिक पटेल की दम पर कांग्रेस उछल रही थी, सीडी आने के बाद कांग्रेस में भी मंथन होने लगा है। यही वजह है कि बीजेपी ने तो उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी और कांग्रेस असमंजस में है क्योंकि कांग्रेस पर हार्दिक पटेल का दवाब तो है ही, अल्पेश और जिग्नेश को भी साथ रखने की चिंता है।

हार्दिक पटेल की मांगें कम नहीं हैं

हार्दिक पटेल की मांगें कम नहीं हैं

इनके अलावा एनसीपी और जनता दल शरद यादव गुट को नाराज नहीं करना है। हार्दिक पटेल की मांगें कम नहीं हैं, ये पहले तो ठीक था लेकिन जिस तरह से उनके सहयोगियों ने साथ छोड़ा है और फिर सीडी ने उनका ग्राफ गिराया है, उससे कांग्रेस में भी विचार मंथन हो रहा है। हार्दिक पटेल गुजरात चुनाव में जिस तरह से न केवल बीजेपी को ललकार रहे थे और कांग्रेस को दवाब में लिए थे, अब चक्रव्यूह में फंसते नजर आ रहे हैं, गुजरात चुनाव में अभी तो शुरूआत है, आगे और भी दिलचस्प मोड़ आने के पूरे आसार हैं।

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