MP News: स्कूल अपग्रेड, किसान कल्याण और नई योजनाओं पर कैबिनेट की मुहर, जानें मोहन सरकार के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने विकास, शिक्षा, कृषक कल्याण और सामाजिक योजनाओं में महत्वपूर्ण कार्रवाइयों को मंजूरी दी। इसमें स्कूल उन्नयन के लिए धन, 2026-27 के लिए शून्य-ब्याज फसल ऋण, और लक्षित सार्वजनिक वितरण व जनजातीय पहुंच का समर्थन करने वाले बालिकाओं और विधवा विवाह सहायता कार्यक्रमों का विस्तार शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, किसान कल्याण और सामाजिक योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 5 हजार 960 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न कार्यों और योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की मंजूरी दी। इस योजना के तहत गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्याओं, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं के सामूहिक विवाह के लिए प्रति हितग्राही 55 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। सरकार के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया। विद्यार्थियों की पहुंच और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 75 माध्यमिक स्कूलों को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। यह प्रक्रिया वर्ष 2026-27 से शुरू होगी और अगले दो वर्षों तक जारी रहेगी। इसके लिए 635 करोड़ 24 लाख रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करना है।
कैबिनेट ने किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण देने की योजना को नई शर्तों के साथ मंजूरी दी गई। अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग ड्यू डेट के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा लागू की जाएगी। किसानों को समय पर ऋण चुकाने पर अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी मिलेगा। राज्य सरकार ने कहा कि किसानों को 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं देना होगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू करने की मंजूरी दी है। इसके लिए 17 नए पदों के सृजन और 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई है। यह महाविद्यालय सत्र 2026-27 से शुरू होगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की मंजूरी दी। यह राशि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए खर्च की जाएगी। योजना का संचालन 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्यों में भारत सरकार के केंद्रांश पर देय एसजीएसटी राशि को राज्य सरकार द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, किसान कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को गति मिलेगी।












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