घाटी में सेना की तैनाती पर राज्यपाल का बयान, घबराने की बात नहीं, चुनाव के लिए हुई है तैनाती
श्रीनगर। भारत ने जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की है। कुछ सरकारी विभागों की ओर से जारी आदेशों से लोगों में डर समा गया था। श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ने अपने संकाय सदस्यों की सर्दियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें सोमवार को अपने काम पर आने को कहा है। इस वजह से लोगों को लग रहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। हालांकि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने इसे खारिज करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि घाटी में जवानों की संख्या बढ़ाने से घबराने की कोई बात नहीं है। राज्यपाल ने साफ किया किजवानों की अतिरिक्त तैनाती आगामी चुनावों के मद्देनजर की जा रही है, उन्होंने किसी भी तरह की युद्ध की संभावना से इनकार किया है। पिछले कुछ घंटों में अलगाववादी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई बढ़ी है और घाटी में लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर के मूवमेंट भी बढ़े हैं, जिससे इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि घाटी में पाकिस्तान के खिलाफ कुछ होने जा रहा है।
बता दें कि अनुच्छेद 35ए पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है, इस अनुच्छेद के तहत जम्मू कश्मीर के लोगों को यहां का स्थायी नागरिक माना गया है और देश के अन्य हिस्से के लोगों को यहां जमीन खरीदने की इजाजत नहीं है। मोदी सरकार ने पहले ही इस अनुच्छेद के खिलाफ अपना रुख साफ कर दिया है कि वह इसे हटाने के पक्ष में हैं। लेकिन राज्यपाल मलिक ने इसे अफवाह करार देते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है, अफवाह को खबर का नाम दिया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा है कि अनुच्छेद 35ए कोर्ट में है, ऐसे में सरकार इसपर कोई कदम कैसे उठा सकती है। इसको लेकर लोगों के बीच सिर्फ अफवाहें हैं, जबकि इसमे कोई सच्चाई नहीं है।












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