आधार को लेकर फैल रही थी ये अफवाह, सरकार ने किया खंडन
नई दिल्ली। हाल ही में यह खबर आ रही थी कि भारत सरकार जमीनों के रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करना चाहती है और उसे आधार नंबर से जोड़ना चाहती है। अब इस खबर पर सरकार का बयान आया है, जिसमें कहा गया है कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। भारत सरकार के मुख्य प्रवक्ता और पीआईबी (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) के मुख्य डायरेक्टर जनरल फ्रैंक नोरोन्हा ने कहा है कि ऐसी जानकारी देने वाला पत्र फर्जी और गलत जानकारी देने वाला है।
उन्होंने यह भी कहा है कि इस मामले को लेकर एक पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई है और इसकी छानबीन की जा रही है। आपको बता दें कि ऐसी जानकारी देता हुआ एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें जमीन से आधार को लिंक कराने की बात कही जा रही थी। पत्र में कहा गया था कि सरकार 1950 के बाद से अब तक के किसी भी जमीन के रिकॉर्ड उस जमीन के मालिक के आधार कार्ड से जोड़ने की तैयारी कर रही है।


पत्र के अनुसार सभी राज्यों को इसे लेकर निर्देश भी जारी किए जाने की बात कही जा रही थी। पत्र में कहा गया था कि इसे लेकर भारतीय सरकार के सेक्रेटरी की तरफ से 15 जून को सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सेक्रेटरी, अतिरिक्त मुख्य सेक्रेटरी, दिल्ली के एलजी और नीति आयोग के सेक्रेटरी को एक निर्देश भी जारी किया है, जिसमें 1950 से लेकर अब तक के सभी जमीनी रिकॉर्ड को जमीन के मालिक के आधार कार्ड से जोड़ना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बेनामी एक्ट के तहत कार्रवाई
इतना ही नहीं, पत्र के अनुसार जो लोग जमीन के रिकॉर्ड के साथ अपने आधार कार्ड को लिंक नहीं करवाएंगे, सरकार उनके खिलाफ बेनामी ट्रांजेक्शन (प्रोहिबिशन्स) अमेंडेड एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।












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