रिपोर्ट में देश के 300 लोगों के फोन टैपिंग का दावा, भारत सरकार ने सिरे से किया खारिज
नई दिल्ली, 19 जुलाई। दुनियाभर के 17 ग्लोबल मीडिया के खोजी पत्रकारों की टीम ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया है कि दुनियाभर की सरकारों ने 50 हजार से अधिक नेता, पत्रकार, एक्टिविस्ट जज आदि के फोन टैप किए हैं। इस लिस्ट में भारत भी है, जहां तकरीबन 300 लोगों के फोन टैप किए जाने की दावा किया गया है। लोगों के फोन टैप इजराइल की कंपनी द्वारा निर्मित पेगासस स्पाइवेयर के जरिए किए जाने का दावा किया गया है। लेकिन इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत सरकार की ओर से इसपर आधिकारिक बयान जारी करके इसे सिरे से खारिज किया गया है।
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सरकार ने सिरे से किया खारिज
सरकार की ओर से इस रिपोर्ट के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा गया है कि किसी के भी फोन को अनाधिकृत तरीके से लोगों के फोन को टैप नहीं किया गया है, यह मीडिया रिपोर्ट ना सिर्फ निराधार है बल्कि पूर्व निर्धारित स्वघोषित परिणा के तौर पर तैयार की गई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है और यह तथ्य से दूर है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जोकि लोगों के निजता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, यह देश के नागरिकों का मौलिक अधिकार है। अपने इस कर्तव्य का पालन करने के लिए सरकार पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 लेकर आई, आईटी रूल्स 20121 लेकर आई, जिससे कि सोशल मीडिया पर लोगों के व्यक्तिगत डेटा और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखा जा सके।
लोकसभा चुनाव के दौरान टेप हुए फोन
बता दें कि इस मीडिया रिपोर्ट को ऑनलाइन न्यूज पोर्टल द वायर में शेयर किया गया है जोकि 17 ग्लोबल मीडिया हाउस में शामिल है, जिसने इस रिपोर्ट को तैयार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकतर लोगों के नंबर 2018-2019 के बीच टैप किए गए हैं, जब देश में लोकसभा चुनाव होने थे। ग्लोबल मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन लोगों के फोन नंबर लिस्ट में शामिल हैं, इसको लेकर यह पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि इन नंबर को पेगासस के जरिए टैप किया गया था या नहीं। ये नंबर या तो टैप किए गए हैं या फिर इन्हे टैप किए जाने की लिस्ट में रखा गया है।
2019 में भी पेगासस आया था चर्चा में
लेकिन पेगासस प्रोजेक्ट के तहत इस लिस्ट का विश्लेषण किया गया है जिनका मानना है कि यह लिस्ट संभावितों की लिस्ट है जिनकी पहले ही पहचान कर ली गई थी कि इनके नंबर को ट्रेस करना है। गौर करने वाली बात है कि पेगासस को इजराइल की कंपनी एनएसओ द्वारा बेचा जाता है। कंपनी का कहना है कि वह इस स्पाइवेयर को सिर्फ उन्ही लोगों को बेचती है जहां सरकार जांच करना चाहती है। पेगासस इससे पहले 2019 में भी चर्चा में आया था, जब यह रिपोर्ट सामने आई थी कि इस इस्पाइवेयर के जरिए 1400 लोगों के व्हाट्सएप चैट को हैक किया गया है, जिसमे 121 भारतीय लोग भी शामिल हैं।












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