बजट से ठीक पहले मोदी ने वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकारी
नई दिल्ली| अब इसे सरकार की कमजोरी कहें या फिर मजबूरी कि बजट पेश होने के ठीक पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार कर ली हैं। अब केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ा कर 10 प्रतिशत कर दी गई है।

इस बार में जानकारी एनआईसी ने दी है जिसमें कहा गया है कि मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में कहा है, "हमने खुले दिल से 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार ली है। हालांकि इससे केंद्र के वित्त प्रबंधन पर भारी दबाव पड़ेगा।"
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आपको बता दें कि 14वें वित्त आयोग ने केंद्र सरकार के कर संग्रह में से राज्यों को मिलने वाली हिस्सेदारी में रिकॉर्ड 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश की थी।14वें वित्त आयोग की रपट में बढ़ाई गई हिस्सेदारी के मुताबिक, राज्यों को 2014-15 में 348,000 करोड़ रुपये और 2015-16 में 526,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश
पीएमओ ने कहा है, "केंद्र सरकार की ओर से योजना और अनुदान आधारित मदद के स्थान पर अब हिस्सेदारी आधारित मदद का प्रावधान किया जा रहा है। इसलिए विभाज्य संसाधनों का 42 प्रतिशत बंटवारा।"












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