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लोकसभा चुनावों से पहले 1 करोड़ रेहड़ी-पटरी वालों के 'अच्छे दिन', PM SVANidhi के बारे में जानिए

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। इसके तहत इस साल 31 दिसंबर तक 1 करोड़ रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोन देने का फैसला किया गया है।

शहरी गरीबों के लिए यह योजना आने वाले दिनों में काफी फायदे का कदम साबित हो सकती है। दरअसल, मोदी सरकार सरकार ने अपनी पहले से चल रही इस योजना 'प्राइम मिनिस्टर स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PMSVANidhi) या पीएम स्वनिधि' के विस्तार का फैसला किया है।

street vendors pm svanidhi

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?
पीएम स्वनिधि के तहत तीन किश्तों में 10,000, 20,000 और 50,000 रुपए के वर्किंग कैपिटल लोन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था। इस योजना को 1 जून, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर कोविड महामारी के दौरान अपनी रोजी-रोटी गंवाने वाले शहरी गरीबों की वित्तीय मदद के लिए छोटे उधार देने के साथ शुरू किया गया था। इसके तहत 2024 के दिसंबर तक 57 लाख लोन वितरित करने का लक्ष्य रखा गया था।

पीएम स्वनिधि पर ब्याज सब्सिडी
इस योजना के तहत समय या समय से पहले लोन चुकता करने पर 7% की दर से ब्याज सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। पहले लोन के जल्दी भुगतान पर और ज्यादा लोन देने के पात्र होने की भी व्यवस्था है।

योजना के अच्छे रेस्पॉन्स से सरकार उत्साहित
इस योजना को मिले अच्छे रेस्पॉन्स को देखते हुए ही सरकार ने इसका विस्तार किया है। 15% से कम एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट) से उत्साहित सरकार ने टारगेट को इसी साल दिसंबर तक के लिए बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिया है। पीएम स्वनिधि पोर्टल देखने से पता चलता है कि 71.10 लाख के करीब लोन पहले ही मंजूर हो चुके हैं और करीब 66 लाख वितरित भी किए जा चुके हैं।

खासकर पहले और दूसरे टर्म वाले लोन को चुकता करने का ग्राफ भी सरकार के लिए काफी उत्साहजनक है। यह पीएम मोदी की उस लाइन पर है कि गरीबों की ईमानदारी पर ज्यादा संदेह की गुंजाइश नहीं रहती।

योजना को बढ़ाने के लिए कई केंद्रीय मंत्रालय हुए सक्रिय
आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय पीएम स्वनिधि योजना का नोडल मंत्रालय है, जिसने सरकार के इरादे के मुताबिक गरीबों तक इस सुविधा को पहुंचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। मोदी सरकार की इस योजना को लेकर गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसको लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ मिलकर एक समीक्षा की है कि लोन देने में किसी तरह की समस्या तो नहीं है।

यही नहीं कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इस योजना की जमीनी स्तर तामील की निगरानी के लिए मंत्रालयों में संयुक्त सचिवों को विभिन्न राज्यों के नोडल अफसरों के रूप में नियुक्त किया है।

होम लोन इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम की घोषणा का इंतजार
अभी हाल में एक रिपोर्ट आ चुकी है कि दिवाली तक मोदी सरकार शहरी कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 60,000 करोड़ रुपए की होम लोन इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम लेकर आ रही है। इस योजना का लाभ 25 लाख शहरी लाभार्थियों को मिलने की संभावना जताई गई है।

इसे भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के सामने ये हैं 5 बड़ी चुनौती, कैसे निपटेंगे मोदी और शाह?

2024 में मोदी सरकार को लाभार्थियों का सहारा?
2019 के लोकसभा चुनावों से लेकर कई राज्य विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का बड़ा रोल माना जाता है। इनमें से खासकर महिला लाभार्थी से पार्टी को चुनावों में काफी सहायता मिलने की बात कही जाती है। खुद पीएम मोदी भी अनेक मौकों पर पार्टी कार्यकर्ताओं से इस बात का जिक्र कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत दी जाने वाली एलपीजी गैस की कीमतें केंद्र सरकार ने दो बार में 300 रुपए कम कर दी है। यह भी लाभार्थी वोटरों वाले जनाधार को ही बनाए रखने वाला कदम माना जा रहा है।

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