'नये संसद भवन निर्माण की सोच कांग्रेस की ही थी', गुलाम नबी आजाद ने नरसिम्हा राव सरकार का किया जिक्र, VIDEO
Ghulam Nabi Azad on Parliament inauguration: गुलाम नबी आजाद ने नए संसद भवन के निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही नये भवन के निर्माण की चर्चा शुरू हुई थी।

Ghulam Nabi Azad on Parliament inauguration: नये संसद भवन के उद्घाटन को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। सभी विपक्षी पार्टी इसके उद्घाटन पर सवाल खड़ी कर रही है। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस समय पीवी नरसिम्हा राव पीएम थे, तब शिवराज पाटिल स्पीकर और मैं संसदीय कार्य मंत्री था।
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गुलाम नबी आजाद के मुताबिक, शिवराज पाटिल ने उनसे कहा था कि 2026 से पहले एक नया और बड़ा संसद भवन बनाया जाना चाहिए। नए भवन का निर्माण जरूरी था। यह अच्छा है कि अब नए भवन का निर्माण हो गया है। उन्होंने कहा कि उद्घाटन समारोह में कौन शामिल होगा या कौन बहिष्कार करेगा, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जो सांसद इसका बहिष्कार करना चाहते हैं या इसमें शामिल होना चाहते हैं, यह उन पर निर्भर है कि वे क्या करना चाहते हैं। यह उनका दृष्टिकोण है कि वे इस कार्यक्रम को कैसे देखते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उन सांसदों को इसका कारण बताना होगा कि वे इस कार्यक्रम का क्यों बहिष्कार कर रहे हैं।
उन्होंने नरसिम्हा राव सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि जब शिवराज पाटिल स्पीकर थे, तभी उन्होंने हमसे कहा था कि एक बड़ा संसद भवन चाहिए। लेकिन उन्होंने इसका समय 2026 रखा था, लेकिन यह अच्छा है कि 2023 में ही बनकर तैयार हो गया।
इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति से संसद का उद्घाटन न कराना और न ही उन्हें समारोह में आमंत्रित करना देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों से बनी हुई है। कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
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