Gabbar Singh Tax: क्या है ये ‘गब्बर सिंह टैक्स’, जिसे लेकर निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी को लिया आड़े हाथ?

Gabbar Singh Tax Kya Hai: 'गब्बर सिंह टैक्स' - ये नाम सुनते ही बॉलीवुड की फिल्म 'शोले' का वो खतरनाक डाकू गब्बर याद आता है, लेकिन आजकल ये टर्म भारत की टैक्स पॉलिसी की दुनिया में तहलका मचा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए 'गब्बर सिंह टैक्स' को लेकर जमकर निशाना साधा।

ये टर्म कोई और नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2017 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के लिए इस्तेमाल किया था। अब जब GST में बड़े सुधार हुए हैं, तो सीतारमण ने कांग्रेस को उसी के 'गब्बर' ताने से घेर लिया। आइए, इस पॉलिटिकल ड्रामे और GST 2.0 की पूरी कहानी को समझते हैं...

Gabbar Singh Tax Explained Hindi

Gabbar Singh Tax Meaning- 'गब्बर सिंह टैक्स' का मतलब क्या?

2017 में जब GST लागू हुआ, तो इसे 'वन नेशन, वन टैक्स' का जश्न मनाया गया। लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे 'गब्बर सिंह टैक्स' का नाम दे दिया। उनका कहना था कि GST के कई स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) और जटिल नियमों ने बिजनेस को बुरा सपना बना दिया। राहुल ने तंज कसते हुए कहा था कि जैसे 'शोले' में गब्बर गांव वालों को लूटता था, वैसे ही GST छोटे व्यापारियों और आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। 2017 में गुजरात रैली में राहुल ने कहा, 'GST में 28% तक टैक्स और तीन रिटर्न फॉर्म इसे गब्बर सिंह टैक्स बनाते हैं।'

GST 2.0: सुधारों का 'दिवाली गिफ्ट'

3 सितंबर 2025 को 56वीं GST काउंसिल की मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐतिहासिक सुधारों का ऐलान किया। अब GST के चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर सिर्फ दो स्लैब - 5% और 18% - कर दिया गया है। इसके अलावा, लग्जरी और 'सिन गुड्स' (तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, हाई-एंड कार) पर 40% का स्पेशल स्लैब लागू होगा। टूथपेस्ट, शैंपू, साबुन, दूध, दही, आटा जैसी रोजमर्रा की चीजें अब 5% टैक्स ब्रैकेट में आएंगी, जिससे आम आदमी की जेब को राहत मिलेगी। छोटी कारें, मोटरसाइकिल (350cc तक), और इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी टैक्स 18% होगा। खास बात? हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से GST पूरी तरह हटा लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'दिवाली बोनांजा' करार दिया और कहा कि इससे मिडिल क्लास को फायदा होगा। लेकिन कांग्रेस ने तुरंत इसका क्रेडिट लेने की कोशिश की, जिस पर सीतारमण ने तंज कसा।

Nirmala Sitharaman Attack on Rahul Gandhi - निर्मला सीतारमण का कांग्रेस पर वार

5 सितंबर 2025 को इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा, 'जो लोग GST को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहकर मजाक उड़ाते थे, वही अब इसका क्रेडिट ले रहे हैं। कांग्रेस हमें बताए, उन्होंने अपने शासन में GST क्यों नहीं लागू किया?'

सीतारमण ने इंदिरा गांधी के जमाने का जिक्र करते हुए तगड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा, 'उस वक्त कांग्रेस सरकार 100 रुपये की कमाई पर 91 रुपये टैक्स वसूलती थी। अब वही लोग GST 2.0 का क्रेडिट ले रहे हैं!' उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया, 'क्या आप चाहते हैं कि तंबाकू और गुटखा पर सिर्फ 5% टैक्स लगे? हमने GST को सरल बनाया, ताकि आम आदमी को राहत मिले, MSMEs को आसानी हो, और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।'

कांग्रेस का पलटवार: '8 साल देर से सुधार'

कांग्रेस ने इन सुधारों का स्वागत तो किया, लेकिन इसे '8 साल देर से लिया गया फैसला' बताया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'GST का 64% टैक्स गरीब और मिडिल क्लास की जेब से आता है, जबकि अरबपतियों से सिर्फ 3%। मोदी सरकार ने 'वन नेशन, वन टैक्स' को 'वन नेशन, 9 टैक्स' बना दिया था।'

'गब्बर सिंह टैक्स' का तमगा GST को 2017 में राहुल गांधी ने दिया था, लेकिन 2025 में आए GST 2.0 के सुधारों ने इसे 'गुड एंड सिम्पल टैक्स' बनाने की कोशिश की है। निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस को पुराने 91% इनकम टैक्स का हवाला देकर घेरा, तो कांग्रेस ने सुधारों को 'राहुल गांधी की जीत' बताया। इस पॉलिटिकल ड्रामे के बीच आम आदमी को सस्ते टूथपेस्ट, साबुन, और इंश्योरेंस से राहत मिलेगी। लेकिन सवाल ये है - क्या ये सुधार वाकई 'दिवाली गिफ्ट' हैं, या फिर 'गब्बर' का नया अवतार? आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं....

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