आजाद घूमता है लाहौर में दाऊद इब्राहिम, पाकिस्तान के लिए है अहम हथियार

नई दिल्ली। मोस्ट वांटड दाऊद इब्राहिम के आत्मसमर्पण की खबरों ने एक बार फिर से मीडिया में खलबली मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो दाऊद 1994 में आत्मसमर्पण करना चाहता था। लेकिन भारत के आला अधिकारियों ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया। लेकिन इन खबरों में कितनी सच्चाई है इसे जानना जरूरी है।

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रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के पूर्व मुखिया सीडी सहाय ने दाऊद की खबरों को लेकर वनइंडिया से एक्सक्लुसिव बात की। उन्होंने दाऊद के आत्मसमर्पण की खबरों और उसके वर्तमान में प्रासंगिकता पर भी मुखरता से जवाब दिये हैं।

क्या दाऊद के आत्मसमर्पण की खबर आज प्रासंगिक है?

हम आज ऐसे विषय के बारे में बात कर रहे हैं जो पिछली सदी में हुई थी। क्या इसकी कोई प्रासंगिकता है। क्या एक भगोड़े के आत्मसर्पण की खबर को इस तरह से लोगों के सामने पेश किया जाना चाहिए। इसके लिए उच्च स्तर के लोगों को इस खबर में शामिल होने की जरूरत होती है। हालांकि अगर दाऊद सच में आत्मसमर्पण करना चाहता था तो यह उसका सही फैसला होता।

क्या पाकिस्तान इसके लिए राजी होता?

अगर दाऊद सच में इतनी आसानी से भारत के सामने आत्मसमर्पण करना चाहता था तो ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि क्या पाकिस्तान इसके लिए राजी होता। जब यह बात साफ है कि दाऊद ने पाकिस्तान में ही शरण ले रखी है ऐसे में उसे पाकिस्तान की अनुमति भी लेनी पड़ती।

दाऊद के आत्मसर्पण के लिए पाकिस्तान की शर्तों पर दाऊद और भारत का राजी होना भी जरूरी होता और यह तभी संभव था जब पाक खुद इसके लिए राजी होता। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था।

दाऊद ने कूटनीतिक स्तर पर अपनी ताकत को बढ़ाया है

यह सभी को पता है कि दाऊद का बहुत ही फलता-फूलता व्यापार है जिसे वह पाकिस्तान से चलाता है। जब दाऊद ने पाकिस्तान में शरण ली तो आईएसई और दाउद के बीच एक लंबे समय के लिए एक डील हुई थी।

लेकिन जिस तरह से दाऊद ने खुद को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेश किया है उससे वह पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक हथियार बन गया। दाऊद ना सिर्फ भारत के खिलाफ का पाक हथियार है बल्कि अन्य देशों के लिए भी वह पाक का अहम हथियार है।

दाऊद की ताकत में इतना इजाफा इसलिए हुआ क्योंकि उसके पास कैश रकम बहुत ही ज्यादा है जिसे आईएसआई खुद इस्तेमाल करता है। दाऊद आईएसआई के लिए बेहद ही अहम हिस्सा बन चुका है जोकि हर वक्त उसकी मदद के लिए आगे रहता है।
दाऊद क्यों आत्मसमर्पण करना चाहेगा?

दाऊद ने काफी समय पहले आत्मसमर्पण की पेशकश की थी। दाऊद को पाकिस्तान गये काफी साल हो गये हैं। मुमकिन है कि दाऊद ने एक बड़े समझौते के तहत आत्मसर्पण के लिए राजी हुआ हो।

क्या दाऊद अभी भी पाकिस्तान में है?

दाऊद और कहां हो सकता है। यह दुनिया को पता है कि वह पाकिस्तान में ही रहता है। वह अब पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक हथियार बन गया है जिसे पाकिस्तान कभी भी खोना नहीं चाहेगा। दाऊद को लाहौर में कई सुविधायें प्राप्त हैं यही नहीं वह अक्सर कराची और लाहौर के बीच आता जाता रहता है।

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