भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी गिरफ्तार
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के भ्रष्टाचार निरोधक निकाय ने जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। वह और उनकी बहन लाखों डॉलर के धनशोधन मामले में पहले से ही राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की हिरासत में हैं।

रिमांड पर रहेंगे जरदारी
एनबीए के मुताबिक, दोनों ने कथित फर्जी बैंक खातों के जरिए 15 करोड़ रुपये का लेन देन किया था। साल 2007 में बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद आसिफ अली जरदारी, पीपीपी के सह-अध्यक्ष बने थे। उनकी गिरफ्तारी तब हुई जब उन्होंने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के खिलाफ दायर अपनी अंतरिम जमानत की अर्जी वापस ले ली। आसिफ अली जरदारी ने कहा था कि अगर उन्हें जमानत दे दी गई तो एनएबी अधिक फर्जी मामलों का आरोप लगाएगा। पिछले हफ्ते, वह पहली बार संसद में गिरफ्तारी के बाद गए थे और कहा था कि उनकी गिरफ्तारी को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ माहौल खराब होगा, कुछ और नहीं होगा। अब एनएबी पार्क लेन इस मामले में केस पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को रिमांड पर रखेगा।
इंटरव्यू पर भी लगी रोक
दूसरी तरफ, जरदारी के उस इंटरव्यू को टेलीकास्ट करने से रोक दिया गया है जो जियो न्यूज पर आने वाला था। पाकिस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट और जियो न्यूज के एडीटर हामिद मीर की ओर से इस बात की जानकारी दी है। इस सेंसरशिप की पाकिस्तानी पत्रकारों ने निंदा की है और इमरान खान सरकार पर मीडिया की आजादी छीनने का आरोप लगाया है। सोमवार रात 8 बजे 'कैपिटल टॉक' कार्यक्रम में जरदारी का इंटरव्यू दिखाया जा रहा था, लेकिन पांच मिनट के अंदर ही उसके प्रसारण पर रोक लगा दी गई। यह इंटरव्यू पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर कर रहे थे। मीर ने इस पर ट्वीट किया, 'मैं अपने दर्शकों से इस बात के लिए बस खेद प्रकट कर सकता हूं कि जियो न्यूज पर इंटरव्यू शुरू किया गया था और उसे रोक दिया गया। मैं जल्द ही सारी बातें सामने रखूंगा लेकिन यह समझना आसान है कि किसने इसे रोक दिया? हम एक आजाद मुल्क में नहीं रह रहे हैं।'












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