रात में घर जा रही पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स को कोलकाता में लड़कों ने घेरा, की ज्यादती, फेसबुक पर लिखा दर्द
नई दिल्ली। 2010 में मिस इंडिया यूनिवर्स रहीं उशोशी सेनगुप्ता ने कोलकाता में अपने साथ मारपीट और कार तोड़े जाने की बात कही है। एक फेसबुत पोस्ट में उशोशी ने कहा है कि सोमवार रात को जब वो अपनी दोस्त के साथ काम से घर लौट रही थीं तो लड़कों के एक ग्रुप ने उनकी कार को रोक लिया। उनके साथ बदतमीजी की गई, ड्राइवर को पीटा गया और कार में भी तोड़फोड़ की गई। फेसबुक पर पूरा वाकया लिखने के साथ-साथ उशोशी ने घटना के फोटो और वीडियो भी शेयर किया है।

उशोशी ने क्या लिखा है फेसबुक पोस्ट में
उशोशी सेनगुप्ता ने मंगलवार को फेसबुक पोस्ट में पूरा वाकया लिखा है। वो लिखती हैं- कल रात करीब 11:40 पर अपना काम खत्म करने के बाद जेडब्ल्यू मैरियट कोलकाता से घर जाने के लिए मैंने एक उबर ली। मेरी दोस्त भी मेरे साथ थी। हम एलीगिन की ओर जाने के लिए जब बाएं मुड़ रहे थे तभी बाइक पर कुछ लड़के आये और कार से टकरा गए। इस पर उन्होंने बाइक रोकी और चिल्लाने शुरू कर दिया। ये करीब 15 लड़के थे। उन्होंने ड्राइवर को खींच लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। मैंने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया।
सेनगुप्ता लिखती हैं, मुझे एक पुलिस अधिकारी दिखा तो मैं दौड़कर उसके पास पहुंची और लड़को को रोकने की मांग की। इस पर उन्होंने मुझे बताया कि यह उनके अधीन नहीं है बल्कि भवानीपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में है। मैंने बहुत कहा तो पुलिस आई और लड़कों को पकड़ा लेकिन लड़कों ने पुलिस अधिकारियों को धक्का दिया और भाग गए। इसके बाद भवानीपुर पुलिस स्टेशन से दो अधिकारी आए, तब तक 12 बज चुके थे। मैंने ड्राइवर से मुझे और मेरे सहकर्मी को घर छोड़ने को कहा और सुबह पुलिस स्टेशन चलने का फैसला किया।

कार का पीछा कर मारपीट
उशोशी सेनगुप्ता के मुताबिक, जब वो लोग घटनास्थल से चले तो ये लड़ने उनका पीछा करने लगे। वो लिखती हैं, इन लड़कों ने हमारा पीछा किया और जब मैं अपनी दोस्त को ड्रॉप कर रही थी तो तीन बाइक पर छह लड़कों ने आकर हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी।मुझे बाहर खींच लिया और वीडियो डिलीट करने लिए मेरे फोन को तोड़ने की कोशिश की। मैं चिल्लाई तो आसपास के लोग आए, जिसके बाद वो वहां से गए। इसके बाद मैंने अपने पिता और अपनी बहन को बुलाया और उनके साथ घर गई।
पुलिस इधर-उधर टरकाती रही
उशोशी का कहना है कि पहले पुलिस ने मुझे चारू मार्केट पुलिस स्टेशन में एफआईआर करने के लिए कहा। मैं वहां पहुंची तो उप निरीक्षक ने मुझे बताया कि मेरी शिकायत केवल भवानीपुर पुलिस थाने में होगी। रात के 1:30 बजे स्टेशन पर कोई महिला पुलिस अधिकारी नहीं। मेरे अड़ जाने के बाद पुलिस अधिकारी ने मेरी शिकायत ली, लेकिन उबर ड्राइवरों को यह कहते हुए शिकायत करने से मना कर दिया कि 2 एफआईआर को उसी शिकायत के लिए नहीं लिया जा सकता। उबर ड्राइवर ने जोर देकर कहा कि वह शिकायत करना चाहता है लेकिन अधिकारियों ने इसे नहीं लिया।

पुलिसिया रवैये पर नाराजगी
मॉडल ने घटना पर लिखा, बिना हेलमेट के 15 लड़कों को उबर ड्राइवर के साथ मारपीट करने और कार को तोड़ने में इतनी आसानी कैसे होती है दक्षिण कोलकाता में ? मुझे क्या एहसास हुआ कि यह एक भीड़ में उसे धमकी देकर ड्राइवर से पैसे निकालने का एक तरीका था। यह बिल्कुल जबरन वसूली का एक तरीका है।
अगर भीड़ ड्राइवर को पीट रही है, अगर आप बाहर निकलते हैं और आवाज उठाते हैं तो भी आप पर हमला किया जाएगा। दूसरों की मदद करना और खड़े होना एक डरावनी बात है क्योंकि जो पुलिस 100 मीटर दूर थी उसने मदद करने से इनकार कर दिया। सब इंस्पेक्टर ने यह कहते हुए मेरे ड्राइवरों की एफआईआर लेने से इनकार कर दिया कि यह कानून के तहत नहीं है। ये बेहद शर्मनाक है।












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