बवाना में आग: दिल दहलाने वाला था दृश्य, जो जहां छिपा वहीं झुलस गया, एक दूसरे से चिपके मिले शव
नई दिल्ली। दिल्ली स्थित बवाना की फैक्ट्री में आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद जो जानकारी सामने आई है वो चौंकाने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार जो 17 लोग मारे गए वो जहां छिपे थे, वहीं झुलस गए। बताया गया कि अपनी जान बचाने के लिए कुछ लोग सीढ़ी के नीचे छिपने की कोशिश की। वहीं कुछ लोग पहली मंजिल पर चले गए। एक ने बेसमेंट में छिप कर अपनी जान बचाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी भयावह थी कि जो जहां छिपा था वहीं झुलसा हुआ मिला।

पहली मंजिल पर 11 लोगों के शव मिले
फायर अफसर धर्मपाल ने जानकारी दी कि फैक्ट्री की पहली मंजिल पर 11 लोगों के शव मिले। 2-3 लोगों के शव सीढ़ी के पास मिले जो पूरी तरह से झुलसे हुए थे।। एक शरीर बेसमेंट और बाकी 1 का शरीर फैक्ट्री के भूतल पर मिला। आशंका जताई जा रही है कि आग भूतल से शुरू हुई और लोग जान बचाने के लिए पहली मंजिल पर गए लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ समझ नहीं आया।

फैक्ट्री की पहली मंजिल से कूद गया
वहीं एक अन्य शख्स ने अपनी जांच बचाने के लिए फैक्ट्री की पहली मंजिल से कूद गया, जो अभी अस्पताल में भर्ती है। घटना की जानकारी पाकर उत्तरी दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल समेत आस पास के कई जिम्मेवार स्थल पर पहुंचे। इस घटना के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर दुख जताया। प्रधाननमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी घटना में अपनी जान खोने वाले परिवार वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। वहीं स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए सुविधा मुहैया कराने का आदेश दिया।

दो महिलाओं के शव थे लिपटे
जानकारी के मुताबिक बवाना के सेक्टर 5 में पटाखा, प्लास्टिक और कार्पेट फैक्ट्रियों में आग लग गई। प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों में से 17 की मौत हो गई। मरने वालों में अधिकांश महिलाएं थी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताा कि पहली मंजिल पर दो महिलाओं के शव एक दूसरे से लिपटे पाए गए। अंदाजा लगाया गया कि दोनों ने एक दूसरे को बचाने के लिए काफी कोशिश की होगी लेकिन वो इसमें असफल हो गईं।












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