FASTag 1 जनवरी से सभी वाहनों के लिए अनिवार्य, 15 फरवरी तक हाईब्रिड लेन में कैश से भी कर सकेंग पेमेंट
FASTag को लेकर सरकार ने दी राहत, 15 फरवरी तक बढ़ाई डेडलाइन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने फास्टैग (FASTag) आज से (1 जनवरी, 2020) से सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुराने, नए सभी यात्री मोटर वाहनों और यात्री समेत माल को भी लाने ले जाने वाले मोटर वाहनों के लिए 1 जनवरी 2021 से फास्टैग अनिवार्य किया है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर हाइब्रिड लेन में कैश से भी टोल दिया जाए सकेगा। ये छूट अगले डेढ़ महीने के लिए है। कैश के जरिए पेमेंट की छूट 15 फरवरी 2021 तक रहेगी।
Recommended Video

NHAI की ओर से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि एक जनवरी से टोल प्लाजा पर कैश कलेक्शन बंद हो जाएगा और सिर्फ फास्टैग ही चलेगा। मौजूदा समय में फास्टैग के जरिए कलेक्शन करीब फीसदी है। ऐसे में फास्टैग कैश नहीं लिए जाने पर लोगों को टोल पर दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। सरकार टैक्स कलेक्शन फास्टैग के जरिए ही चाहती है। टोल प्लाजा पर कैश को खत्म करने के लिए फास्टैग के लिए अलग से लाइन भी बनाई है।
फास्टैग एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग है जो वाहन के विंडस्क्रीन पर चिपका होता है। यह टैग, जो रिचार्जेबल और किसी प्रीपेड खाते/ई-वॉलेट से जुड़ा हुआ होता है, जिससे टोल बूथों पर ऑटोमेटिक रूप से शुल्क काटा जाता है। इससे पेमेंट करने के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होती है।
फास्टैग की शुरुआत देश में 2016 में हुई थी और चार बैंकों ने उस साल सामूहिक रूप से एक लाख टैग जारी किए थे। उसके बाद 2017 में सात लाख और 2018 में 34 लाख फास्टैग जारी किए गए। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार 1 दिसंबर, 2017 से नए चार पहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए फास्टैग को अनिवार्य किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications