नोएडा में किसान आज करेंगे महापंचायत, राकेश टिकैत करेंगे किसानों का नेतृत्व, जानिए ट्रैफिक एडवाइजरी
भूमि अधिकार और उचित मुआवजे की मांग को लेकर विभिन्न किसान संगठनों के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पास प्वाइंट जीरो पर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य हाल ही में नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल से जबरन बेदखल किए गए किसानों की आवाज को बुलंद करना और उनकी मांगों को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना है।
किसानों की मुख्य मांगे
किसानों की प्रमुख मांगों में अधिग्रहित भूमि का 10 प्रतिशत हिस्सा विकसित करके लौटाना। 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार उचित मुआवजा प्रदान करना। इन मांगों के पीछे सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के बाद उचित व्यवहार और समान मुआवजे की कमी को लेकर किसानों के लंबे समय से चल रहे संघर्ष की पृष्ठभूमि शामिल है।

महापंचायत की योजना और समन्वय
इस महापंचायत की योजना को अंतिम रूप देने के लिए 3 दिसंबर को मुजफ्फरनगर के सिसौली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सिसौली भारतीय किसान यूनियन का मुख्यालय है और बैठक की अध्यक्षता नरेश टिकैत ने की। इसमें तय किया गया कि उत्तर प्रदेश के पांच क्षेत्रों सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा और मुरादाबाद के किसान ग्रेटर नोएडा में विरोध प्रदर्शन करेंगे। अन्य क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन और प्रशासनिक निकायों को ज्ञापन सौंपने का कार्य सौंपा गया।
नोएडा-ग्रेटर, नोएडा में यातायात व्यवस्था प्रभावित
इस बड़े विरोध प्रदर्शन के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने परी चौक, चिल्ला बॉर्डर और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट के जरिए यातायात प्रबंधन किया गया।
इसमें सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन मार्ग पर 9:38 बजे यातायात सुचारू रूप से चल रहा था। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-93 कट पर भी 9:30 बजे सामान्य गति देखी गई।
पृष्ठभूमि और मुख्य घटनाक्रम
2 दिसंबर को किसानों ने दिल्ली की ओर कूच किया था। लेकिन उन्हें दलित प्रेरणा स्थल पर रोक दिया गया। अधिकारियों ने मुख्य सचिव स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया। लेकिन किसानों ने अपनी मांगों पर अडिग रहते हुए आंदोलन को जारी रखने की चेतावनी दी है।
किसानों का संघर्ष और न्याय का आह्वान
इस विरोध प्रदर्शन ने न केवल किसानों के भूमि अधिकार और मुआवजे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया। बल्कि भारत के कृषि समुदाय द्वारा झेली जा रही व्यापक चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। नोएडा ट्रैफिक पुलिस द्वारा व्यवधानों को कम करने के प्रयास और किसानों की अटूट प्रतिबद्धता ने इस संघर्ष को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। जैसे-जैसे स्थिति विकसित हो रही है। यह विरोध प्रदर्शन किसानों के अधिकारों और न्याय के लिए उनके संघर्ष की एक स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।












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