किसान संगठनों में दरार, BKU के भानु गुट ने खाली किया चिल्ला बॉर्डर, VM सिंह का किसानों ने किया विरोध
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन अब किसी और ही मोड़ पर पहुंच गया है। गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा हिंसक प्रदर्शन और लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराने को लेकर अब किसान संगठनों के बीच ही दरार आ गई है। बुधवार को पिछले 58 दिनों से जारी किसान आंदोलन से कई संगठनों ने खुद को अलग कर लिया है। बता दें कि आंदोलनकारियों द्वारा उपद्रव की वजह से बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के भानु गुट और किसान मजदूर संगठन (KMS) के नेता वीएम सिंह ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर है।
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भारतीय किसान यूनियन (भानु) के अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह की घोषणा के बाद अब कई किसान चिल्ला सीमा को खाली कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर चिल्ला बॉर्डर से कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आया है जिसमें किसानों को अपना टेंट उतारते देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में नोएडा के ADCP रणविजय सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने चिल्ला बॉर्डर से अपना कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को खत्म कर दिया है। जो ट्रैफिक यहां किसानों के प्रदर्शन के कारण बाधित हो रखा था, अब हम उसे सुचारू रूप से चलाने का प्रयास कर रहे हैं।
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चिल्ला बॉर्डर से कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जिसमें देखा जा सकता है कि पुलिस बैरिकेडिंग को अब हटाया जा रहा है। उधर, किसान मजदूर संगठन (KMS) के नेता वीएम सिंह के आंदोलन खत्म करने के फैसले का कुछ किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। गाजीपुर बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने वीएम सिंह के विरोध में नारेबाजी की। बता दें कि गणतंत्र दिवस पर मंगलवार को निकाली गई किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए हंगामा और हिंसा के बाद किसान आंदोलन को बड़ा झटका लगा है।












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