Farmers Protest: गतिरोध के बीच किसान संगठनों की आज अहम बैठक, आंदोलन के एक महीने पूरे
Farmers Protest: गतिरोध के बीच किसान संगठनों की आज अहम बैठक, आंदोलन के एक महीने पूरे
Farmers Protest: Farmer and Centre govt meeting today: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के आज (शनिवार 26 दिसंबर) एक महीने पूरे हो गए हैं। आज से ठीक एक महीने पहले 26 नवंबर को दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान विरोध के लिए जुटे थे। इसी बीच खबर आ रही है कि आज किसानों संगठनों के बीच अहम बैठक होने जा रही है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा लिखे गए पत्र और पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार (25 दिसंबर) को दिए गए भाषण पर संयुक्त किसान मोर्चा सिंघु बॉर्डर पर आज दोपहर 2 बजे मीटिंग करेगा।

किसानों ने दिए गतिरोध खत्म करने पर बात करने के संकेत
किसानों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि वो इस कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का समाधान खोजना चाहते हैं किसानों और सरकार के बीच पांच से छह राउंड की वार्ता हो चुकी है लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो पाया है।
प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों ने शुक्रवार को सरकार के नवीनतम पत्र पर बातचीत के लिए आमंत्रित करने पर चर्चा की है। जिसमें से कुछ ने संकेत दिया कि वे तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर चल रहे गतिरोध का समाधान खोजने के लिए केंद्र के साथ अपनी बातचीत फिर से शुरू करने का निर्णय ले सकते हैं। यूनियनों ने कहा कि वे शनिवार (26 दिसंबर) को एक और बैठक करेंगे, जहां ठप हुई वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए केंद्र सरकार के निमंत्रण पर एक औपचारिक निर्णय लिया जाएगा।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि सरकार अगले दो-तीन दिनों में बैठक के अगले दौर की उम्मीद कर रही थी।
पीएम नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री ने विपक्ष पर किया पलटवार
किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि कुछ लोग अपना जमीनी आधार खो चुके हैं, वक्त-वक्त पर वो कंधों की तलाश करते हैं और आज किसान आंदोलन से किसान के कंधों पर अपनी वैचारिक बंदूक चलाकर अपना हित साधना चाहते हैं।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा जो लोग किसानों के हमदर्द बनकर उनको गुमराह करने का पाप कर रहे हैं उसकी सजा आने वाले कल में जनता उनको देगी।
वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार (25 दिसंबर) को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, कि जब इनका वक्त था तो ये चुपचाप थे। जो लोग आंदोलन चला रहे हैं तब वे उस सरकार को समर्थन करते थे। यही लोग स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के ऊपर सालों तक बैठे थे। हमने इन्हे आकर निकाला क्योंकि हमारा जीवन मंत्र किसानों की जिंदगी का भला करना है।












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