26 जनवरी की घटना के बाद दिल्ली की किलेबंदी पर पुलिस ने किए थे 9.7 लाख रुपए खर्च, RTI में खुलासा
नई दिल्ली, जून 21। कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 6 महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस ने 9.7 लाख रुपए खर्च कर दिए। एक RTI में इसकी जानकारी मिली है। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, 26 जनवरी को हुई हिंसा की घटना के बाद 1 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने राजधानी में जबरदस्त किलेबंदी कर दी थी। दिल्ली के सिंघु, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग, सीमेंट की दीवार, कीलें लगाना और कांटों वाली तार लगाने इत्यादि में कुल 9.7 लाख रुपए का खर्चा किया था।
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26 जनवरी की हिंसा के बाद दिल्ली की हुई थी किलेबंदी
आपको बता दें कि पुलिस की तरफ से ये इंतजाम किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए किए गए थे। आमतौर पर इस तरह की किलेबंदी किसी युद्ध के दौरान की जाती है। पुलिस की तरफ से ये इंतजाम इसलिए किए गए थे, क्योंकि 26 जनवरी को किसानों की उग्र भीड़ दिल्ली के आईटीओ और लाल किले तक पहुंच गई थी। लाल किले पर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों के साथ मारपीट और सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया था।
सबसे ज्यादा टिकरी बॉर्डर पर हुआ खर्चा
इंडिया टुडे को आरटीआई में तीन अलग-अलग जवाब मिले हैं। एक जवाब में कहा गया है कि "टिकरी बॉर्डर पर मल्टीलेयर बैरिकेडिंग करने पर अब तक 7 लाख 49 हजार रुपए खर्च किए गए।वहीं, गाजीपुर बॉर्डर के लिए ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने बताया कि यहां पर सुरक्षा व्यवस्था पर अब तक 1.57 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। वहीं पुलिस की तैनाती को लेकर पुलिस ने बताया कि कोई खर्चा नहीं हुआ है। वहीं सिंघू बॉर्डर पर हुए खर्च को लेकर अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसान आंदोलन जारी है, इसलिए इस बारे में जानकारी नहीं दी जा सकती।












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