बृजभूषण सिंह के खिलाफ कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, BJP नेता की नई दलील- 'मैं घटना के वक्त दिल्ली में नहीं था'
Brij Bhushan Sharan Singh News: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI)के पूर्व प्रमुख और कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चल रहे यौन शोषण मामले में दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में अब बृजभूषण सिंह ने एक नई दलील दी है।

बृजभूषण सिंह ने दलील देते हुए कहा कि, ''शिकायत करने वाली पहलवानों में से एक ने जिस दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, उस वक्त मैं दिल्ली में था ही नहीं।'' बृजभूषण सिंह में अदालत से मांग की कि उनके खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की और जांच होनी चाहिए।
बृजभूषण सिंह ने जांच के लिए कोर्ट में दायर किया आवेदन
बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार (18 अप्रैल) को दिल्ली की एक अदालत में यौन उत्पीड़न मामले में आगे की जांच की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया है। कोर्ट ने बृजभूषण की अर्जी पर 26 अप्रैल के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आवेदन में बृज भूषण ने कहा कि वह 7 सितंबर 2022 को भारत में नहीं थे, जब डब्ल्यूएफआई कार्यालय में महिला पहलवान के साथ कथित छेड़छाड़ हुई थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पासपोर्ट की कॉपी भी जमा कर दी है।
बृजभूषण शरण सिंह vs महिला पहलवान: जानिए क्या था पूरा मामला?
विनेश फोगाट और साक्षी मलिक समेत कई भारतीय महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने पूर्व WFI प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
दिल्ली पुलिस ने 15 जून को बृजभूषण के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), 354 ए (यौन उत्पीड़न), 354 डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप पत्र दायर किया था।
हालांकि, इस मामले में बृजभूषण 20 जुलाई 2023 को जमानत दे दी गई थी। दिल्ली की अदालत ने उसी दिन WFI के अतिरिक्त सचिव विनोद तोमर को भी निलंबित कर दिया था।












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