दिल्ली दंगोंं की जांच को लेकर पूर्व IPS की चिट्ठी, भाजपा नेताओं को 'लाइसेंस' पर क्या सफाई देंगे

पूर्व IPS ने दिल्ली पुलिस से पूछा, भाजपा नेताओं को दिए 'लाइसेंस' को कैसे सही ठहराएंगे

नई दिल्ली। इस साल फरवरी में राजधानी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की जांच को लेकर मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर जूलियो रिबेरो ने फिर सवाल उठाए हैं। रिबेरो ने बुधवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव को खत लिखकर पूछा है कि बीजेपी के तीन नेताओं को जिस तरह से एक पक्ष के लोगों को भड़काने और शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों को धमकाने का 'लाइसेंस' देने का क्या दिल्ली पुलिस बचाव कर सकती है, या इसकी कोई सफाई दी जा सकती है। पूर्व आईपीएस रिबेरो की दंगों की जांच को लेकर दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल उठाते हुए ये दूसरी चिट्ठी है।

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    भाजपा नेताओं को छूट सही नहीं ठहराई जा सकती

    भाजपा नेताओं को छूट सही नहीं ठहराई जा सकती

    जूलियो रिबेरो ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है, मेरे ओपन लेटर में कुछ सवाल किए गए हैं, जिनपर आपने ध्यान नहीं दिया है। मैं समझता हूं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने वाले इन तीन बीजेपी नेताओं (कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा) को इसके लिए दिए गए लाइसेंस को जायज ठहराना मुश्किल, दरअसल नामुमकिन है। अगर ऐसा भाषण देने वाले मुस्लिम या वामपंथी होते तो पुलिस उनपर देशद्रोह का चार्ज लगा देती। साथ ही जूलियो रिबेरो ने एस एन श्रीवास्तव से आग्रह किया है कि दिल्ली पुलिस दंगों को लेकर दर्ज सभी 753 मामलों में चार्जशीट फाइल करे।

    रविवार को भी लिखी थी चिट्ठी

    रविवार को भी लिखी थी चिट्ठी

    इससे पहले रविवार को रिबेरो ने एक चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन वह जानबूझकर नफरत फैलाने वाले भाषण देने वालों के खिलाफ संज्ञेय अपराध दर्ज करने में विफल रही, जिससे पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे भड़क गए। पद्म भूषण अवार्ड से सम्मानित रिबेरो रोमानिया में भारत के राजदूत भी रहे हैं।

    कई पूर्व अफसरों ने उठाए हैं दिल्ली पुलिस पर सवाल

    कई पूर्व अफसरों ने उठाए हैं दिल्ली पुलिस पर सवाल

    रिबेरो के अलावा भी कई पूर्व आईपीएस अफसरों ने भी दिल्ली दंगों की जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। रिबेरो के रविवार को लिखे खत के जवाब में दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने कहा है कि हमारी जांच तथ्यों और सबूतों पर आधारित होती है। यह इससे प्रभावित नहीं होती कि जांच के दायरे में आया शख्स कितना नामी है या कितने बड़े व्यक्तित्व वाला है। श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस ने जाति, धर्म के आधार पर पक्षपात किए बिना दंगों में अब तक 1,571 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दोनों समुदायों के लोग शामिल हैं।

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