नहीं सुधरेगा प्राविडेंट फंड महकमा
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कुछ सरकारी महकमों के बारे में कहा जा सकता है कि वे नहीं सुधरेंगे। इनमें काम पहले की तरह से होता रहेगाय़ यानी निकम्मापन जारी रहेगा। आप चाहें तो ईपीएफओ विभाग को इसी श्रेणी में रख सकते हैं।
निकम्मापन पसरा
हालांकि इधर दावे तो तमाम होते रहते हैं सुधार के, पर ईपीएफ लेने वाले मारे-मारे घूमते हैं। उनकी कोई नहीं सुनता।जानकारों ने बताया कि सैकड़ों मुलाजिमों को महीनों गुजरने के बाद भी उनका पीएफ का पैसा नहीं मिल रहा। वे ऑनलाइन अपने खाते का स्टेटस देखते हैं तो पता चलता है कि केस प्रोसेस में है। पर होता कुछ नहीं है।
कोई नतीजा नहीं
राजधानी के एक मीडिया हाउस के कर्मी ने बताया कि वे करीब चार माह पहले पीएफ को निकालने का आवेदन कर चुके हैं। पर कोई नतीजा नहीं निकल रहा।
हेल्प डेस्क
इस बीच, ईपीएफ विभाग हेल्प डेस्क शुरू करेगा। ऐसे करोड़ों खाताधारक जिनकी रकम पीएफ के निष्क्रिय खाते में जा चुकी है और इसे पाने के लिए उनके पास साक्ष्य मौजूद नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के हेल्प डेस्क की मदद से इसे संबंधित व्यक्ति को पहुंचाया जाएगा।
हालांकि किस तरह से काम करेगा, इसका पता तो भविष्य में ही चलेगा।
जानकारी के अनुसार,ईपीएफओ की ओर से निष्क्रिय खातों के मालिकों के लिए हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई। वर्तमान में निष्क्रिय खाते में 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक रकम जमा है। जानकारी के मुताबिक,डूबी हुई रकम को पाने के लिए कर्मचारियों की ओर से हेल्प डेस्क को मोटी जानकारी देने पर भी रकम मिलने की उम्मीद बरकरार रहेगी।













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