Enterprise Odisha: कृषि में MSME को बढ़ावा देने का आह्वान, विशेषज्ञ बोले- तकनीकी पर आधारित खेती से बढ़ेगी आय
झारसुगुड़ा में एंटरप्राइज ओडिशा पहली बार ओडिशा के झारसुगुड़ा में आयोजित किया गया। सीआईसी के कार्यक्रम का ये 24वें संस्करण था। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश प्रस्ताव आया। कार्यक्रम के तहत छोटी इकाइयों को बड़े उद्यमों के साथ नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने में सक्षम बनाने के लिए 150 से अधिक बी2बी बैठकें आयोजित की गईं। इस आयोजन में कई प्रदर्शनी, सम्मेलन भी शामिल हैं।
झारसुगुड़ा में तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान 150 से अधिक बी2बी बैठकों में कुल मिलाकर 1,000 से अधिक प्रतिभागी, 150 प्रदर्शकों और 54 औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में ओडिशा के बाहर की 58 कंपनियों और ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञों और व्यापारिक नेताओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अधिक लघु उद्योगों की स्थापना की अवश्यकता पर जोर दिया गया। इस दौरान 'Opportunities for MSMEs' पर एक पुस्तिका लॉन्च की गई। इस मौके पर आईपीआईसीओएल एवं आईडीसीओ के प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र सिंह पुनिया भी मौजूद रहे।
एंटरप्राइज ओडिशा कार्यक्रम के दौरान एक्पर्ट्स के कृषि क्षेत्र में विकास और किसानों की आय को बढाने कि लिए तकनीकी आधारित कृषि को बढ़ावा देने का आह्वन किया। कार्यक्रम के तहत 'कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में अवसर' विषय पर सत्र में सिंजेंटा फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर में सलाहकार एमेरिटस पार्थ आर दासगुप्ता भी शामिल हुए। उन्होंने कहा राज्य में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए में अवसरों की कमी नहीं है। दासगुप्ता ने किसानों से अवसर का लाभ उठाने और विविध और लाभदायक फसलों की खेती पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
वहीं उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव हेमंत शर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में प्रचुर अवसरों का लाभ उठाने के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों में औद्योगिक पार्क स्थापित किये जा रहे हैं।












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