किस संगीन जुर्म में तिहाड़ जेल में बंद हैं इंजीनियर राशिद? शपथ लेने के लिए 2 घंटे की मिली है कस्टडी पैरोल
दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीरी नेता शेख अब्दुल राशिद को 5 जुलाई को लोकसभा के सांसद के तौर पर शपथ लेने के लिए दो-घंटे की कस्टडी पैरोल की अनुमति दे दी है।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद ने इस बार जम्मू और कश्मीर की बारामूला लोकसभा चुनाव क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीता है।

बारामूला में उमर अब्दुल्ला को हराया है चुनाव
इंजीनियर राशिद ने इस बार के चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला को हराया है। राशिद ने नव-निर्वाचित सांसद के तौर पर शपथ लेने और अपनी संसदीय जिम्मेदारियों को पूरा करने के नाम पर अंतरिम जमानत या कस्टडी पैरोल के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
शपथ लेने के लिए 5 जुलाई को 2 घंटे की कस्टडी पैरोल
एडिश्नल सेशन जज चंदर जीत सिंह ने राशिद को शपथग्रहण के लिए 5 जुलाई को दो घंटे के लिए कस्टडी पैरोल की अनुमति दी है। इससे पहले सोमवार को एनआईए के वकील ने राशिद की याचिका का विरोध नहीं किया था और कहा था कि उसका शपथग्रहण कुछ शर्तों के आधार पर होना चाहिए, जैसे कि मीडिया से बात नहीं करना और एक ही दिन के अंदर औपचारिकताएं पूरी करना।
किस संगीन जुर्म में तिहाड़ जेल में बंद हैं इंजीनियर राशिद?
इंजीनियर राशिद को 2017 के जम्मू और कश्मीर के आतंकी फंडिंग केस में गिरफ्तार किया गया था। एनआई ने उन्हें 2019 में अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। वह इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं। वे मुख्यधारा के पहले ऐसे नेता हैं, जिन्हें इस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।
इनका नाम कश्मीरी कारोबारी जहूर वताली की जांच के दौरान सामने आया था। उसको एनआईए ने कश्मीर घाटी में आतंकवादी संगठनों और अलगाववादियों को कथित रूप से फंडिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
इस केस में यासिन मलिक को सुनाई गई है उम्रकैद
इस केस में एनआईए कश्मीरी अलगाववादी नेता यासिन मलिक, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर चुकी है। यासिन मलिक को आरोपों में दोषी करार दिए जाने के बाद 2022 में एक ट्रायल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
दो बार एमएलए भी रह चुके हैं इंजीनियर राशिद
इंजीनियर राशिद इससे पहले उत्तर कश्मीर की लंगेट विधानसभा क्षेत्र से दो-बार (2008 और 2014) के एमएलए रह चुके हैं। मुख्यधारा की राजनीति में आने से पहले वे हुर्रियत नेता और जेकेपीसी के संस्थापक अब्दुल गनी लोन के करीबी सहयोगी थे। लोन पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन के पिता थे।
राशिद के जेल में रहते हुए उसका पूरा चुनाव अभियान उनके दो बेटों अबरार राशिद और असरार राशिद ने चलाया। बताया जाता है कि उनकी सभाओं में इस नाम पर काफी भीड़ जुटी की, इसकी वजह से आखिरकार उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा। (इनपुट-पीटीआई)












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