नीतीश कुमार का एसकेएमसीएच में 2500 बेड की व्यवस्था करने का निर्देश, बोले- बीमारी पर रिसर्च भी कराएंगे
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार सुबह मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया। अस्पताल का दौरा करने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि इंसेफ्लाइटिस प्रभावित क्षेत्रों का पर्यावरण अध्ययन कराया जाएगा ताकि बीमारी की वजह का पता लगाया जा सके। कुमार ने अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाकर 2500 किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इस समय अस्पताल में 610 बेड हैं। पहले फेज में 1500 बेड की तत्काल व्यवस्था और तीमारदारों और परिवारों के लिए एक 'धर्मशाला' भी बनाई जाने की बात नीतीश ने दौरे के बाद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।

मुजफ्फरपुर में 108 बच्चों की मौत चमकी बुखार से हो चुकी है। यहां श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में 89 बच्चे अब तक इस बीमारी से दम तोड़ चुके हैं। केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की मौत हुई है। चमकी बुखार से पीड़ित ज्यादातर मरीज एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में एडमिट हैं।
विरोध का भी करना पड़ा सामना
नीतीश कुमारमंगलवार को मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) पहुंचे थे। यहां उन्होंने हालात का जायदा लिया और डॉक्टरों से स्थिति की जानकारी ली। अस्पताल के बाहर नीतीश कुमार को आम लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। नीतीश के पहुंचने पर एसकेएमसीएच हॉस्पिटल के बाहर जमा लोगों ने उनका विरोध करते हुए नीतीश कुमार वापस जाओ के नारे लगाए और व्यवस्था की बदहाली पर अपने गुस्से का इजहार किया।
सरकार की ओर बच्चों के इलाज में ढिलाई और अस्पताल में जरूरी सुविधाएं ना होने से नाराज लोगों ने जमकर नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि रोजाना बच्चों की मौत हो रही हैं लेकिन सरकार का ध्यान इस तरफ नहीं है, अस्पताल में दवाएं और डॉक्टरों का स्टाफ नाकाफी है। नीतीश कुमार यहां हालात का जायजा लेने भी तब आए हैं, जब 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है।
इससे पहले रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे भी मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। तब भी अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिवारों ने हर्षवर्धन का जमकर विरोध भी किया था।












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