एल्गार परिषद मामला: बॉम्बे HC ने खारिज की वरवरा राव की जमानत याचिका, मेडिकल जांच कराने का आदेश
नई दिल्ली। भीमा-कोरेगांव मामले में तलोजा जेल में बंद 81 वर्षीय कवि एवं कार्यकर्ता वरवरा राव की जमानत याचिका को बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कोर्ट के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट ने वरवरा राव की याचिका तो खारिज कर दी है लेकिन उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए तत्काल मेडिकल टेस्ट कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वरवरा राव की मेडिकल जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा कि उन्हें नानावती अस्पताल शिफ्ट किया जाना चाहिए या नहीं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कार्यकर्ता वरवरा राव की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि नानावती अस्पताल के डॉक्टरों का एक पैनल आज (शुक्रवार) सुबह तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनकी जांच करे। अगर डॉक्टरों को लगता है कि वीडियों कॉल के जरिए कार्यकर्ता की जांच उचित रूप से नहीं हो सकती तो वह तत्काल जेल में जाकर मेडिकल जांच करें। इसके साथ की कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि वरवरा राव का मेडिकल टेस्ट उन्हीं डॉक्टरों द्वारा किया जाना चाहिए जिन्होंने पिछली 30 जुलाई की रिपोर्ट के लिए जांच की थी।
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इस मामले में अब बॉम्बे हाईकोर्ट अगली सुनवाई 17 नवंबर को करेगा। इस दिन कोर्ट वरवरा राव की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करेगी उसके बाद उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किए जाने को लेकर अपना फैसला सुनाएगा। वरवरा राव के परिवार का दावा है कि उन्हें डिमेंशिया (एक तरह की भूलने की बीमारी) समेत कई अन्य बीमारियों ने घेर रखा है, ऐसी हालत में उन्हें जेल में रखना खतरे से खाली नहीं है। आपको बता दें कि 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट कहा था कि वह भीमा-कोरेगांव मामले में गिरफ्तार तेलुगू कवि और लेखक वरवरा राव की पत्नी की याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई करे।












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