कुणाल कामरा पर अवमानना का केस चलाने को एटॉर्नी जनरल ने दी सहमति, सुप्रीम कोर्ट के जज पर किया है ट्वीट
सुप्रीम कोर्ट के जज पर टिप्पणी को लेकर कॉमेडियन कुणाल कामरा पर चलेगा अवमानना का केस, अटॉर्नी जनरल ने दी इजाजतकॉमेडियन कुणाल कामरा पर अवमानना का केस चलाने को
नई दिल्ली। कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलेगा। सुप्रीम कोर्ट के जज पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कुणाल के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस चलाने के लिए अपनी सहमति दे दी है। कुणाल ने टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी को जमानत मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के जज को लेकर ट्वीट किया था। इस पर वकील रिजवान सिद्दीकी ने उन पर मुकदमा कायम करने के लिए अटॉर्नी जनरल से इजाजत मांगी थी। जिस पर उन्हें इजाजत मिल गई है।
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अर्नब की जमानत पर किए हैं ट्वीट
सुप्रीम कोर्ट ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्णब गोस्वामी को 2018 के आत्महत्या मामले में मंगलवार को जमानत दे दी थी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपितों को 50,000 रुपए के बांड पर अंतरिम जमानत देते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़कते हुए कुणाल कामरा ने ट्वीट कर लिखा कि ये कोई न्याय है। जिस रफ्तार से सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को ऑपरेट करती है, उसे देखते हुए यह समय है कि महात्मा गांधी के फोटो को हरीश साल्वे के फोटो से बदल दिया जाए।

जस्टिस चंद्रचूड पर भी की टिप्पणी
फैसला देने वाले जज चंद्रचूड के लेकर भी कुणाल ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, डीवाई चंद्रचूड़ एक फ्लाइट अटेंडेंट हैं जो प्रथम श्रेणी के यात्रियों को शैंपेन ऑफर कर रहे हैं क्योंकि वो फास्ट ट्रैक्ड हैं। जबकि सामान्य लोगों को यह भी नहीं पता कि वो कभी चढ़ या बैठ भी पाएंगे, सर्व होने की तो बात ही नहीं है।

वकील रिजवान सिद्दीकी ने एटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने मांगी इजाजत
कुणाल के इन ट्वीट को सुप्रीम कोर्ट और जज का अपमान बताते हुए पुणे के वकील रिजवान सिद्दीकी ने एटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल को आवेदनपत्र लिखकर कामरा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की इजाजत मांगी। एटॉर्नी जनरल ने रिजवान सिद्दीकी की मांग से इत्तेफाक रखते हुए उन्हें चिट्ठी लिखकर मामला चलाने की इजाजत दी। एटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कॉमेडियन कुणाल कमरा पर अवमानना के मुकदमे के लिए सहमति देते हुए लिखा है कि लोग समझते हैं कोर्ट के बारे में कुछ भी कह सकते हैं। मैंने ट्वीट देखे हैं और मैं कह सकता हूं ये साफ-साफ आपराधिक अवमानना का मामला बनता है।












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