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सीटों की संख्या में कमी के बावजूद भाजपा ने दोनों राज्यों में इस मामले में बनाई बढ़त

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नई दिल्ली- महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों राज्यों में इसबार भारतीय जनता पार्टी की सीटें 2014 के मुकाबले कम हुई हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है कि इन दोनों राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन हर मामले में खराब ही रहा है। दोनों राज्यों में अलग-अलग मामलों में उसे बढ़त भी मिली है, जिसका आकलन करके वह आगे के लिए खुश हो सकती है। महाराष्ट्र की बात करें तो पिछले विधानसभा चुनाव से करीब सौ सीटें कम लड़कर भी उसका स्ट्राइक रेट कहीं ज्यादा रहा है। जबकि, हरियाणा के कुछ खास इलाकों में अपने खिलाफ हुई वोटों की गोलबंदी के बावजूद वह वोट शेयर बढ़ाने में सफल रही है। यानि, उसकी सीटें जरूर कम हुई हैं, लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ा है।

महाराष्ट्र में बीजेपी के स्ट्राइक रेट में इजाफा

महाराष्ट्र में बीजेपी के स्ट्राइक रेट में इजाफा

महाराष्ट्र में 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 122 सीटें मिली थीं। जबकि, इसबार वह 105 सीटों पर ही सिमट गई है। लेकिन, बीजेपी को इसमें भी अपने लिए एक बड़ी उम्मीद नजर आ रही है। क्योंकि, पिछली बार बीजेपी और शिवसेना वहां अलग-अलग चुनाव लड़ी थी और इसलिए पार्टी ने अबकी बार के मुकाबले सौ से ज्यादा सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारा था। इस हिसाब से 2019 में बीजेपी को अपना स्ट्राइक रेट कहीं ज्यादा बेहतर नजर आ रहा है। यानि, 2014 में बीजेपी वहां 260 सीटों पर चुनाव लड़कर 122 सीटों पर जीती थी। इसबार पार्टी ने अपने कमल निशान पर 164 उम्मीदावरों को ही उतारा था और 105 सीट जीत गई। खुद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसे भारतीय जनता पार्टी की बड़ी कामयाबी माना है, क्योंकि इस हिसाब से वह चुनाव लड़ने वाली 70 फीसदी सीटों पर विजय रही, जिसे काफी अच्छा माना जा सकता है।

महाराष्ट्र में मिले वोट शेयर से भी भाजपा उत्साहित

महाराष्ट्र में मिले वोट शेयर से भी भाजपा उत्साहित

भारतीय जनता पार्टी के लिए इस बात में भी खुशी है कि पिछली बार वह 260 सीटों पर लड़कर भी 27.81 फीसदी वोट ला पाई थी। लेकिन, इसबार वह 164 सीटों पर लड़कर भी 25.75 फीसदी वोट लाने में कामयाब रही है। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इसबार भाजपा खुद 150 सीटों पर लड़ी थी और बाकी 14 सीटों पर उसने अपने दूसरे सहयोगियों के उम्मीदवारों को उतारा था। जबकि, शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ी, जिसमें वह 56 सीटों पर जीती है। शिवसेना ने पिछली बार अकेले अधिकतर सीटों पर चुनाव लड़कर भी 19.35 फीसदी वोट प्राप्त किए थे, जबकि इसबार कम सीटों पर लड़ने के बावजूद उसने 16.41 फीसदी वोट हासिल किया है।

हरियाणा में वोट प्रतिशत बढ़ा

हरियाणा में वोट प्रतिशत बढ़ा

खुश होने के लिए बीजपी के पास हरियाणा में भी एक बड़ा कारण है। राज्य की 90 सीटों में से पिछले दो चुनावों में पार्टी की सीटें 47 से घटकर 40 रह गई हैं, लेकिन यहां उसका वोट शेयर बढ़ा है। 2014 के विधानसभा चुनावों में पार्टी 7 सीटें ज्यादा जरूर जीती थी, लेकिन उसे 33.20 फीसदी वोट ही मिले थे। जबकि, इसबार 7 सीट घटने के बावजूद उसका वोट शेयर 3 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 36.49 फीसदी हो गया है। बीजेपी को ये सफलता तब मिली है, जब इसबार जाट वोटरों के उसके खिलाफ गोलबंद होने की बात कही जा रही है, जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी।

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English summary
Election Results 2019: BJP made a lead in this case in both states of Haryana and Maharashtra
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