Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने एमनेस्टी इंडिया की 1.54 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत एमनेस्टी इंटरनेशनल ट्रस्ट (आईएआईटी) के लिए भारतीयों के बैंक खातों में 1.54 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से संलग्न की है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत एमनेस्टी इंटरनेशनल ट्रस्ट (आईएआईटी) के लिए भारतीयों के बैंक खातों में 1.54 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से संलग्न की है। इसके साथ ही मामले में कुल कुर्की 21.08 करोड़ रुपये की हो गई है। शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि ईडी ने एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एआईआईपीएल) और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।

प्रतीकात्मक फोटो

इस मामले में एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट (एआईआईएफटी) को 2011-12 के दौरान एफसीआरए 2010 के तहत एमनेस्टी इंटरनेशनल यूके से विदेशी योगदान प्राप्त करने की अनुमति दी गई थी। मेसर्स एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एआईआईपीएल) और मेसर्स इंडियन एमनेस्टी इंटरनेशनल ट्रस्ट (आईएआईटी) का गठन वर्ष 2013-14 और 2012-13 में किया गया था।

ईडी की जांच में नया खुलासा

ईडी की जांच में पता चला है कि मेसर्स का एफसीआरए लाइसेंस रद्द करने पर एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट विदेश से धन प्राप्त करने के लिए एमनेस्टी संस्थाओं द्वारा एक नया तरीका अपनाया गया था। एमनेस्टी इंटरनेशनल यूके ने सेवाओं के निर्यात और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की आड़ में एआईआईपीएल को 51.72 करोड़ भेजे।

यह भी पढ़ें- मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट ने स्वीकार की ईडी की मांग, दूसरे जज को ट्रांसफर हुआ सत्येंद्र जैन का केस

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+