मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट ने स्वीकार की ईडी की मांग, दूसरे जज को ट्रांसफर हुआ सत्येंद्र जैन का केस
नई दिल्ली, 23 सितंबर: मनी लॉन्ड्रिंग केस में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में ईडी ने एक याचिका दायर की थी। जिसमें जैन के केस को दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने की मांग की गई। राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने ईडी की मांग को मान लिया है। साथ ही ये मामला विशेष न्यायाधीश विकास ढुल को स्थानांतरित कर दिया गया। अब तक मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल की कोर्ट में हो रही थी। वहीं दूसरी ओर फैसला आने के तुरंत बाद सत्येंद्र जैन के वकील ने हाईकोर्ट का रुख किया।

दरअसल विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने ईडी को इस मामले में कई बार फटकार लगाई थी। इसके बाद ईडी ने भी कोर्ट पर पक्षपात का आरोप लगाकर केस को दूसरे जज के पास ट्रांसफर करने की मांग की। मामले में एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि झूठी चिकित्सा रिपोर्ट का उपयोग कर जमानत लेने का प्रयास किया था। जिसके बाद राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने सभी पक्षों को सुना। गुरुवार को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया। अब इस केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश विकास ढुल करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
आपको बता दें कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। वहां से कुछ दिन पहले कोर्ट ने निचली अदालत को 22 सितंबर को सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी आरोपी अपनी जमानत याचिका पर शीघ्र सुनवाई का हकदार है। ऐसे में केस ट्रांसफर के मामले को जल्द निपटाया जाए।
चार्जशीट हो चुकी है दाखिल
आपको बता दें कि जुलाई में ही प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने चार्जशीट दाखिल की थी। आरोप पत्र में शकूर बस्ती विधायक के अलावा 5 अन्य आरोपितों और 4 कंपनियों के नाम हैं। इस मामले में उनके कारोबारी सहयोगी अंकुश जैन और वैभव जैन को भी गिरफ्तार किया गया है। उक्त 4 कंपनियां शेल कंपनियां हैं, जिन्होंने कारोबार नहीं किया, बल्कि केवल पैसे की हेराफेरी के लिए उनका इस्तेमाल किया गया।












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