विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने की साउथ कोरिया के राष्ट्रपति से मुलाकात, प्रभु ने मंत्री के साथ साइन किए समझौते
साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। सुषमा और मून जे ने मुलाकात के बाद दोनों देशों के अधिकारियों से मुलाकात की और बातचीत की। मंगलवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
नई दिल्ली। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। सुषमा और मून जे ने मुलाकात के बाद दोनों देशों के अधिकारियों से मुलाकात की और बातचीत की। मंगलवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी जिसमें कोरियाई प्रायद्वीप के हालातों पर भी बातचीत होगी। मून की इस भारत यात्रा का मकसद व्यापार और रक्षा सहयोग को बढ़ाना है। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने एयरपोर्ट पर मून का स्वागत किया। मून के साथ उनकी पत्नी किम जोंग सुक भी आई हैं और राष्ट्रपति चार दिनों तक भारत में रहेंगे।

प्रभु और साउथ कोरिया के मंत्री मिले नाश्ते पर
इससे अलग सोमवार को कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर सुरेश प्रभु और साउथ कोरिया के ट्रेड मिनिस्टर किम ह्यून चोंग ने कुछ समझौतों पर साइन किए। समझौतों पर साइन करने के बाद प्रभु ने कहा, 'द्विपक्षीय संबंधों मे व्यापार और वाणिज्य अहम रोल अदा करते हैं। भारत और साउथ कोरिया अब अपने संबंधों को नए स्तर पर लेकर जा रहे हैं।' प्रभु के मुताबिक साउथ कोरिया के मंत्री के साथ उनकी मुलाकात काफी अच्छी रही है और अब सकारात्मक वार्ता की ओर नजरें हैं। उन्होंने बताया कि कुछ विचारों को अमल लाया जा रहा है तो कुछ पर काम जारी है। दोनों नेताओं ने इससे पहले साथ में मुलाकात की शुरुआत नाश्ते के साथ की। इसके बाद दोनों नेताओं ने समझौते पर चर्चा हुई और इन्हें साइन किया गया। इस बीच हु्यूान चोंग ने बताया के नोएडा का सैमसंग प्लांट आने वाले वर्षो में 10 मिलियन मोबाइल यूनिट्स का निर्माण करेगा।
मंगलवार को पीएम मोदी के साथ मीटिंग
मंगलवार मून और पीएम मोदी के बीच जो वार्ता होगा उसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी खासतौर पर अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में और मजबूत होगी। उनके इस दौरे पर सियोल स्थित राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता का कहना है कि दोनों नेता वार्ता के दौरान, भारत और साउथ कोरिया के बीच भविष्य में सहयोग आधारित संबंधों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा सहयोग में तेजी आई है और इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इसे नए मुकाम पर ले जाने के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा।












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