ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर तैनात एसएचओ ने बताई अपने ऊपर हुए हमले की पूरी कहानी
गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा कृषि कानूनों के विरोध में निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में जो हिंसक झड़पें हुई उससे सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है।
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा कृषि कानूनों के विरोध में निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में जो हिंसक झड़पें हुई उससे सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारी किसानों ने इस दौरान जमकर बवाल काटा। उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ हिंसक झड़पें भी हुईं, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। जब प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली के लालकिले पर चढ़ाई की उस वक्त लालकिले पर वजीराबाद के एसएचओ पीसी यादव तैनात थे।

इस हिंसा में वह भी घायल हुए। उनके सिर, नाक और हाथ पर चोट आई है। उन्होंने मीडिया से उस पूरे हमले की कहानी बयां की। उन्होंने कहा,"हम लाल किले में तैनात थे जब कई लोग वहां घुस गए। हमने उन्हें किले की प्राचीर से हटाने की कोशिश की, लेकिन वे आक्रामक हो गए .... हम किसानों के खिलाफ बल का उपयोग नहीं करना चाहते थे इसलिए हमने यथासंभव संयम बरता।" उन्होंने कहा कि इस घटना में हमारे कई साथी घायल हो गए। हमार एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रदर्शनकारियों के हाथ में हथियार थे।
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उनके अलावा इस हिंसा में घायल हुए डीसीपी नॉर्थ, दिल्ली के संचालक संदीप ने बताया कि, "कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुंच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी और अन्य हथियारों से हमला किया।
स्थिति बिगड़ रही थी और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करना हमारे लिए बहुत मुश्किल था।" गौरतलब है, गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में प्रस्तावित किसान ट्रैक्ट्रर रैली अचानक उग्र हो गई थी जिसके बार पूरी दिल्ली में हिंसा भड़क गई थी।












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