UP News: महिलाओं की भागीदारी से मजबूत हो रहा नशामुक्ति अभियान, युवाओं को जागरूक कर रही योगी सरकार
उत्तर प्रदेश नशा विरोधी अभियान को मजबूत करने के लिए महिलाओं और युवाओं की भागीदारी का लाभ उठा रहा है। सामुदायिक समूह, ग्राम स्तर के संगठन और स्कूल परिवारों और छात्रों के बीच स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के जरिए नई मजबूती दी जा रही है। योगी सरकार महिलाओं को नशामुक्ति अभियान का आधार बनाकर समाज में व्यापक जनजागरूकता पैदा करने पर जोर दे रही है। स्वयं सहायता समूहों, महिला मंचों और ग्राम स्तरीय संगठनों के माध्यम से महिलाओं को परिवारों को नशे की बुराइयों से बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार का मानना है कि परिवार और समाज की सबसे मजबूत कड़ी महिलाएं होती हैं, इसलिए उनकी भागीदारी से नशामुक्ति अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रदेश के सभी सात क्षेत्रीय मुख्यालयों के माध्यम से जिलों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। महिला मंचों के जरिए परिवारों को स्वस्थ वातावरण देने और बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का संदेश दिया जा रहा है। महिलाओं को यह भी समझाया जा रहा है कि परिवार में संवाद और सतर्कता के जरिए युवाओं को गलत संगत और नशे की आदत से कैसे बचाया जा सकता है। गांवों और शहरों में आयोजित संवाद कार्यक्रमों में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष फोकस
योगी सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष अभियान चला रही है। शिक्षण संस्थानों में सेमिनार, पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। छात्रों को खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। काउंसलर्स और विशेषज्ञ विद्यार्थियों को यह समझा रहे हैं कि नशा केवल स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पढ़ाई, करियर और पारिवारिक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। कई शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ भी दिलाई जा रही है।
महिलाओं की भागीदारी से अभियान को मिल रही मजबूती
मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों और महिला मंचों के जरिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर परिवारों को सुरक्षित और स्वस्थ बनाना है। सरकार का मानना है कि महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।












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