Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee: '5 बजे तक बंगाल सरकार पूरी रिपोर्ट दे', गृह मंत्रालय ने जारी किया निर्देश
Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से कुछ हफ़्ते पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को पूछा कि क्या ममता बनर्जी उनसे नाराज़ हैं क्योंकि न तो मुख्यमंत्री और न ही उनके कैबिनेट का कोई मंत्री उनके उत्तर बंगाल दौरे के दौरान उन्हें रिसीव करने के लिए मौजूद था।
राष्ट्रपति ने कहा, "मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाज़त क्यों नहीं दी। वहां काफ़ी जगह है। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मुझे नहीं पता कि वह नाराज़ हैं या नहीं, इसीलिए प्रोग्राम वहां (गोशाईपुर में) हुआ। लेकिन इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें।'

जिस पर भड़कते हुए सीएम ममता ने कहा कि 'उन्हें राष्ट्रपति के आने के बारे में कोई सूचना नहीं थी और साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि राष्ट्रपति बीजेपी के जाल में फंस गई हैं।' जिसके बाद पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम ममता की क़ड़ी आलोचना की है।
Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee Vivad: शाम 5 बजे तक एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी
साथ ही गृह मंत्रालय इस मामले पर काफी सख्त हो गया है, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के लिए तय प्रोटोकॉल में हुई चूक, दार्जिलिंग जिले में इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस की जगह बदलने और दूसरे संबंधित इंतज़ामों के बारे में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से आज शाम 5 बजे तक एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है।
Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee Row: 'सम्मान और तहज़ीब से पेश आएं लोग'
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाल के दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन पर चिंता जताई और देश के सबसे ऊंचे संवैधानिक पद की गरिमा बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद गणतंत्र की गरिमा को दिखाता है और इसके साथ हमेशा सबसे ज़्यादा सम्मान और तहज़ीब से पेश आना चाहिए।
'दलितों और आदिवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची'
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सिलीगुड़ी में इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान इंतज़ामों को लेकर हुए विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह घटना सबसे बड़े संवैधानिक पद का अपमान है। X पर एक पोस्ट में, मांझी ने लिखा कि राष्ट्रपति के दौरे से जुड़ी बातों और घटनाक्रमों से देश भर के दलितों और आदिवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।












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