चिदंबरम की गिरफ्तारी को स्‍टालिन ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध, कहा- ये देश के लिए शर्म की बात

नई दिल्‍ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया से संबंधित मामले में एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया। चिदंबरम की गिरफ्तारी पर डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा है कि 'मैंने ऐसा कभी नहीं देखा', 'यह भारत के लिए शर्म की बात है', 'यह राजनीति से भरा प्रतिशोध है'। 'चिदंबरम ने अग्रिम जमानत मांगी थी', 'लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, यह निंदनीय है'।

चिदंबरम की गिरफ्तारी को स्‍टालिन ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध, कहा- ये देश के लिए शर्म की बात

कैसे हुई गिरफ्तारी

चिदंबरम कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करने के बाद अपने आवास पर पहुंचे थे। सीबीआई के अधिकारियों की टीम दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ जोर बाग स्थित चिदंबरम के आवास पर पहुंची। कुछ देर मुख्य दरवाजा खटखटाने के बाद अधिकारियों ने परिसर की दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि चिदंबरम को एक सक्षम अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों ने बताया कि चिदंबरम को उनके आवास पर गिरफ्तार करने के बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जा गया जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गयी।

पी चिदंबरम पर क्या हैं आरोप?

बता दें कि वित्त मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआइपीबी) ने दो उपक्रमों को मंजूरी दी थी। आइएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया समूह को दी गई एफआइपीबी मंजूरी में अनियमितताएं हुई। इसके बाद ईडी ने पिछले साल इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

क्या है INX मीडिया केस?

आइएनएक्स मीडिया केस साल 2007 में आइएनएक्स मीडिया को मिले पैसों के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआइपीबी) से मंजूरी मिलने से जुड़ा हुआ है। 305 करोड़ रुपये के इस हाई प्रोफाइल घोटाले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का भी नाम शामिल है। सीबीआई और ईडी केस में जांच कर रही है कि कैसे पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को 2007 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से आईएनएक्स मीडिया के लिए मंजूरी मिल गई थी, जबकि उस वक्त वित्त मंत्री खुद उनके पिता पी चिदंबरम थे। सीबीआई और ईडी की जांच में ये पता चला कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाने के लिए आईएनएक्स मीडिया के निदेशक पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी ने पी चिदंबरम से मुलाकात की थी, जिससे विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी में कोई देरी ना हो।

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