'उत्तर भारत में महिलाएं सिर्फ किचन में काम और बच्चे पैदा करने में', दो बच्चों के पिता DMK MP Dayanidhi Maran
DMK MP Dayanidhi Maran Child Statement: तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK के सांसद दयानिधि मारन ने उत्तर भारतीय और तमिल महिलाओं की तुलना करते हुए एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। चेन्नई सेंट्रल से सांसद मारन ने कहा कि उत्तर भारत में महिलाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे घर पर रहें, रसोई संभालें और बच्चे पैदा करें, जबकि तमिलनाडु में लड़कियों को शिक्षा और करियर पर फोकस करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ये टिप्पणी जनवरी 2026 में एक सरकारी कॉलेज में छात्राओं को संबोधित करते हुए आई, जहां लैपटॉप वितरण कार्यक्रम चल रहा था।
BJP ने इसे उत्तर भारतीयों का अपमान बताया, जबकि DMK ने इसे महिलाओं की उन्नति का संदेश करार दिया। क्या ये द्रविड़ बनाम उत्तर भारत की पुरानी बहस का नया दौर है? आइए, बयान के बैकग्राउंड, संदर्भ, प्रतिक्रियाओं और निहितार्थों के साथ इसकी गहराई में उतरते हैं...

Who Is DMK MP Dayanidhi Maran: दयानिधि मारन कौन हैं? और बयान का बैकग्राउंड
दयानिधि मारन DMK के प्रमुख नेता हैं, जो चेन्नई सेंट्रल से चार बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और कलानिधि मारन (सन टीवी के मालिक) के भाई हैं। मारन DMK की द्रविड़ विचारधारा के मजबूत समर्थक हैं, जो तमिल संस्कृति, भाषा और प्रगति पर जोर देती है। जनवरी 2026 में चेन्नई के कायद-ए-मिल्लत सरकारी महिला महाविद्यालय में 'उलगम उंगल कैयिल' योजना के तहत छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए जा रहे थे। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन (मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे) मुख्य अतिथि थे।
मारन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए तमिलनाडु की महिला सशक्तिकरण नीतियों की तारीफ की और उत्तर भारत से तुलना की। उन्होंने कहा:- 'हमारी लड़कियां लैपटॉप लेकर आत्मविश्वास से साक्षात्कार देती हैं या पोस्ट ग्रेजुएशन करती हैं। तमिलनाडु में हम लड़कियों को पढ़ाई और आगे बढ़ने के लिए कहते हैं। लेकिन उत्तर भारत में क्या? लड़कियां काम पर मत जाओ, घर पर रहो, रसोई में काम करो, बच्चे पैदा करो - यही तुम्हारा काम है।' उन्होंने तमिलनाडु को 'द्रविड़ राज्य' बताते हुए पूर्व CM एम करुणानिधि (कलाइग्नार), सीएन अन्नादुरई (अन्ना) और वर्तमान CM एमके स्टालिन की नीतियों का जिक्र किया। मारन ने जोड़ा कि तमिलनाडु की शिक्षा और अंग्रेजी दक्षता के कारण ग्लोबल कंपनियां चेन्नई आती हैं, और यहां महिलाओं की प्रगति राज्य की प्रगति है।
कार्यक्रम में उदयनिधि स्टालिन ने भी महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया और कॉलेज के इतिहास का जिक्र किया, जहां 1974 में करुणानिधि ने इसका नामकरण किया था।
बयान का संदर्भ: DMK की महिला सशक्तिकरण नीतियां
मारन का बयान DMK की महिला-केंद्रित योजनाओं को हाइलाइट करने का प्रयास लगता है। तमिलनाडु में DMK सरकार महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर फोकस करती है:-
- उलगम उंगल कैयिल योजना: छात्राओं को मुफ्त लैपटॉप देकर डिजिटल साक्षरता बढ़ाना।
- महिला आरक्षण: सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण।
- शिक्षा और रोजगार: राज्य में महिलाओं का औद्योगिक कार्यबल में 40% से ज्यादा हिस्सा है, जो देश में सबसे ज्यादा है।
- द्रविड़ मॉडल: DMK द्रविड़ आंदोलन की विरासत पर चलती है, जो सामाजिक न्याय, शिक्षा और महिलाओं की उन्नति पर जोर देता है।
DMK सूत्रों का कहना है कि मारन का मकसद छात्राओं को प्रेरित करना था, न कि अपमान। एक सूत्र ने कहा: ' ये गर्व की बात है कि तमिलनाडु महिलाओं की प्रगति में अग्रणी है। तुलना पर बहस हो सकती है, लेकिन इसमें संदेश है।'
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: BJP का हमला, DMK का बचाव
बयान पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। BJP ने इसे उत्तर-दक्षिण विभाजन और उत्तर भारतीयों का अपमान बताया:
- नारायणन तिरुपति (तमिलनाडु BJP प्रवक्ता): 'मारन ने फिर उत्तर भारतीयों का अपमान किया। DMK में ये आम है, लेकिन इन्हें इजाजत कैसे मिलती है? मारन में समझ नहीं है।'
- अनिला सिंह (BJP नेता): 'ये दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत शक्ति की पूजा करता है, इसे उत्तर-दक्षिण में नहीं बांटा जा सकता। मारन भूल गए कि उनके गठबंधन में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसी महिलाएं हैं। ये विभाजनकारी राजनीति नहीं चलेगी।'
DMK ने बचाव किया:-
टीकेएस एलंगोवन (DMK नेता): 'ये राज्य की सत्ता पर निर्भर करता है। कांग्रेस जहां सत्ता में है, महिलाओं को सशक्त बना रही है। तमिलनाडु में हमने महिलाओं के लिए संघर्ष किया - शिक्षा, रोजगार, आरक्षण। उत्तर में महिलाओं के लिए लड़ने वाला कोई नहीं है। बस इतना ही।'
क्यों उबला विवाद? बड़े निहितार्थ
- उत्तर-दक्षिण बहस: DMK की द्रविड़ राजनीति अक्सर हिंदी बेल्ट vs दक्षिण की बहस छेड़ती है। मारन का बयान 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद की राजनीति में फिट बैठता है, जहां DMK ने BJP को तमिलनाडु से बाहर रखा।
- महिला सशक्तिकरण का एंगल: तमिलनाडु महिलाओं की साक्षरता (82%) और कार्यबल भागीदारी में अग्रणी है, जबकि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में ये कम है। लेकिन तुलना को स्टीरियोटाइपिकल बताया जा रहा है।
- राजनीतिक लाभ: BJP इसे DMK की 'विभाजनकारी' छवि बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है, खासकर हिंदी बेल्ट में। DMK इसे द्रविड़ गर्व के रूप में पेश कर रही है।
- पिछले विवाद: मारन पहले भी हिंदी और उत्तर भारतीयों पर टिप्पणियों के लिए विवाद में रहे हैं।
Dayanidhi Maran के कितने बच्चे?
Dayanidhi Maran और पत्नी Priya Maran के दो बच्चे हैं। एक बेटी और एक बेटा।
- एक बेटी - Divya Maran
- एक बेटा - Karan Maran
ये बयान महिला अधिकारों की बड़ी बहस को छूता है, लेकिन राजनीतिक रंग दे दिया गया है। क्या मारन माफी मांगेंगे? या ये चुनावी मुद्दा बनेगा? समय बताएगा।












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