DMK ने तूतीकोरिन में हुई पुलिस फायरिंग की तुलना 'जलियांवाला बाग हत्याकांड' से की
चेन्नई। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता ग्रुप की यूनिट स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। तमिलनाडु में विपक्ष डीएमके ने तुतकोरिन की घटना को पंजाब के जलियांवाला बाग हत्याकांड से तुलना की है। डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पलानीस्वामी सरकार पर जमकर हमला बोला। वहीं डीएमके के एक अन्य नेता इस घटना की तुलना सौ साल पहले हुए जलियांवाला बाग से कर दी।

इस घटना पर दुख जताते हुए स्टालिन ने ट्वीट कर कहा, 'प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग का ऑर्डर किसने दिया? भीड़ को तितर-बितर करने के लिए ऑटोमेटिक हथियारों का इस्तेमाल क्यों किया गया. किस कानून के तहत इसकी इजाजत दी गई? यहां रबर या प्लास्टिक के बुलेट्स का इस्तेमाल क्यों किया गया? फायरिंग के पहले प्रदर्शनकारियों को चेतावनी क्यों नहीं दी गई?'
वहीं डीएमके के एक अन्य नेता शर्वणन ने तमिलनाडु सरकार को फासिस्टवादी करार देते हुए इस घटना की तुलना जलियाबाला बाग जैसे नरसंहार से की। उन्होंने कहा, 'हाल में हुए एक सर्वे बताता है कि तमिलनाडु में सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन होते हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य सरकार प्रशासन चलाने में नाकाम रही है। यह जलियावाला बाग जैसा नरसंहार था। सरकार को अब अपना बोरिया बिस्तर बांध कर चले जाना चाहिए।'
मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने न्यायिक जांच के आदेश दिये और कहा कि मौके पर ऐसी परिस्थिति बनी, जिसे टाला नहीं जा सका। वहीं, पुलिस ने दावा किया कि भीड़ हिंसात्मक हो गई, उसके बाद ओपन फायरिंग करनी पड़ी।












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