सीएम केजरीवाल को पीछे छोड़ डिप्टी सीएम सिसोदिया बने दिल्ली के MLA नंबर 1

नई दिल्ली- आम आदमी पार्टी दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता के आधार पर सत्ता में वापसी की कोशिशें कर रही है। वोट केजरीवाल के नाम पर ही मांगे जा रहे हैं। लेकिन, नेता ऐप (Neta App) की ओर से किए गए एक सर्वे में एक मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपने बॉस से भी लोकप्रियता के मामले में आगे निकल गए हैं। इस सर्वे के नतीजे दिल्ली के विधायकों का उनके क्षेत्र के मतदाताओं से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर निकाले गए हैं। विधायकों की लोकप्रियता के मामले में दिल्ली के 5 टॉप विधायकों में सबसे पहला स्थान पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनीष सिसोदिया का है और पहले पांच में बीजेपी का एक भी विधायक नहीं है। इस सर्वे का परिणाम पिछले दो साल में साढ़े 6 लाख लोगों के जवाब के आधार पर निकालने का दावा किया गया है।

विधायकी में केजरीवाल पर भारी पड़े सिसोदिया

विधायकी में केजरीवाल पर भारी पड़े सिसोदिया

दिल्ली के लिए अब तक जितने सर्वे आए हैं, उनमें से अधिकतर में आम आदमी पार्टी ने अपने विरोधियों को पीछे छोड़ दिया है। लेकिन, एक सर्वे नेता ऐप (Neta App) ने भी किया, जिसके नतीजे आम आदमी पार्टी में भी खलबली मचा सकते हैं। ये सर्वे दिल्ली के विधायकों पर किए गए हैं, जिसमें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने क्षेत्र में लोकप्रियता के मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल को उनके विधानसभा क्षेत्र के मुकाबले में भी पीछे छोड़ दिया है। केजरीवाल के लिए ये नतीजे इसलिए भी चौंकाने वाले माने जा सकते हैं कि अकेले सिसोदिया ही नहीं हैं, उनकी पार्टी के दो और विधायक भी हैं, जो अपने विधानसभा क्षेत्रों में लोकप्रियता के मामले में नई दिल्ली में केजरीवाल की रैंकिंग से आगे निकल गए हैं। बता दें कि नेता ऐप (Neta App) ने दिल्ली के विधायकों का उनके चुनाव क्षेत्रों में उनकी लोकप्रियता का ये आंकलन पिछले दो साल में 6,50,000 फीडबैक के आधार पर करने का दावा किया है।

टॉप 5 विधायकों में केजरीवाल की रैंकिंग 4

टॉप 5 विधायकों में केजरीवाल की रैंकिंग 4

नेता ऐप ने विधायकों की लोकप्रियता का अनुमान लगाने के लिए 5 अंकों के आधार पर मापदंड निर्धारित किए थे। नेता ऐप के सर्वे के मुताबिक इस मापदंड पर सिसोदिया ने 4.3 अंक हासिल किए हैं और वे मुख्यमंत्री से काफी आगे हैं। यानि, पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र में विधायक के तौर पर सिसोदिया की लोकप्रियता दिल्ली के सभी विधायकों में अव्वल है। इस रेटिंग में सिसोदिया के बाद आम आदमी पार्टी के ही विधायक जगदीप सिंह (हरिनगर) और दिनेश मोहनिया (संगम विहार) का स्थान है। जबकि, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक के तौर पर महज 3.5 अंक लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल चौथे स्थान पर हैं। नेता ऐप के मुताबिक दिल्ली के टॉप 5 विधायकों की लिस्ट में पांचवें स्थान पर भी आम आदमी के ही विधायक अजेश यादव (बादली) हैं। यानि दिल्ली के टॉप 5 विधायकों में भाजपा के तीन में से कोई भी विधायक नहीं हैं।

इस क्षेत्र में केजरीवाल निकले आगे

इस क्षेत्र में केजरीवाल निकले आगे

विधायकी के अलावा नेता ऐप ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की परफॉर्मेंस पर भी दिल्ली के लोगों की राय जुटाने का दावा किया है। इसके मुताबिक दिल्ली के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 'मोहल्ला क्लीनिक' और सरकारी स्कूलों में हुए सुधार से काफी प्रभावित हैं। सर्वे में दावा किया गया है कि विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के 71 फीसदी लोग उनकी सरकार के प्रदर्शन से खुश हैं। ये सर्वे पिछले सोमवार को जारी किया है। बता दें कि 2015 में सत्ता में आने के बाद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में 301 'मोहल्ला क्लीनिक' खोले हैं। इसके अलावा दिल्ली के सरकारी स्कूलों में भी बहुत ज्यादा बदलाव का दावा किया जा रहा है।

सरकारी स्कूलों में कायापलट का दावा

सरकारी स्कूलों में कायापलट का दावा

सर्वे में दावा किया गया है कि दिल्ली के करीब 1,000 सरकारी स्कूलों में पिछले पांच वर्षों में बदलाव साफ महसूस किया जा सकता है, क्लासरूम साफ हैं, दीवारें रंगीन हैं और बेंच आरामदायक हैं। कई स्कूलों में वातानुकूलित प्रयोगशालाओं के अलावा इंडोर और आउटडोर खेल की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। कुछ स्कूलों में तो लिफ्ट और स्वीमिंग पूल की भी व्यवस्था है, जो बड़s और महंगे प्राइवेट स्कूलों में भी नहीं है। बता दें कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कायापलट के दावे जरूर कर रही है, लेकिन हाल में विपक्षी बीजेपी ने कुछ सरकारी स्कूलों के विडियो के जरिए, यह आरोप लगाया है कि सरकार के दावे भरोसेमंद नहीं हैं।

यहां पिछड़ सकते हैं केजरीवाल

यहां पिछड़ सकते हैं केजरीवाल

नेता ऐप के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण और दिल्ली की सड़कों की हालात को लेकर दिल्ली के मतदाता मुख्यमंत्री केजरीवाल के प्रयासों से खुश नहीं हैं। बता दें कि पिछले कुछ साल से प्रदूषण के मामले में दिल्ली की स्थिति बहुत ही खराब हो चुकी है और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट को भी राजधानी की हवा को 'गैस चैंबर' करार देना पड़ा है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केजरीवाल सरकार तीन बार ऑड-ईवन का भी प्रयोग कर चुकी है और इसे नियंत्रित करने के दावों के बड़े-बड़े प्रचार भी कर चुकी है। लेकिन, इस मोर्चे पर सर्वे के मुताबिक जनता के बीच उनकी दाल नहीं गल पा रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+