देवबंद ने फ्रांस की निंदा करने की सरकार से की अपील

देवबंद ने फ्रांस की निंदा करने की सरकार से की अपील और ईशनिंदा करने वालों के खिलाफ अंतराष्‍ट्रीय कानून बनाने की उठाई मांग

मेरठ। फ्रांस में पैगंबर मुहम्मद के कार्टून बनाए जाने को लेकर इस्लामिक मदरसा दारुल उलूम देवबंद ने गुरुवार को सरकार से फ्रांस की निंदा करने और ईशनिंदा करने वालों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून बनाने की अपील की। मदरसा का यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने कहा कि कार्टून बनाने के लिए छूट दी जाएगी जिसमें भारत ने भी उसका समर्थन किया है। बता दें इस्लामी दुनिया में दारुल उलूम देवबन्द का एक विशेष स्थान है जिसने पूरे क्षेत्र को ही नहीं, पूरी दुनिया के मुसलमानों को प्रभावित किया है।

france

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से इस्लामोफोबिया को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है और पैगंबर मुहम्मद के कार्टूनों को रोकने की मांग उठ रही है। विवाद की जड़ में फ्रांस है जहां एक शिक्षक की हत्या कर दी गई। अब पूरी दुनिया के मुसलमानों में फ्रांस के खिलाफ जबरदस्‍त नाराजगी है। 16 अक्टूबर को फ्रांस में 47 साल के एक शिक्षक पैटी की स्कूल के बाहर ही हत्या कर दी गई। जब मारे गए शिक्षक पैटी को श्रद्धांजलि देने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों पहुंचे तो उन्होंने साफ कर दिया कि फ्रांस पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों को नहीं रोकेगा और फ्रांस का भविष्य कभी इस्लामवादियों के पास नहीं होगा। फ्रांस के राष्‍ट्रपति के इस बयान ने अब इस्लामी दुनिया के एक हिस्से को हिला दिया है।

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन के बाद कहा कि उन्हें "मानसिक उपचार" की आवश्यकता है। मदरसा का रुख कई इस्लामिक देशों में मनोदशा को दर्शाता है। मदरसा के कुलपति (वीसी) अबुल कासिम नोमानी ने कहा"यह ओआईसी (इस्लामिक राष्ट्रों के संगठन) और अन्य इस्लामी देशों के प्रमुखों की जिम्मेदारी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर फ्रांसीसी सरकार के खिलाफ एक समन्वित रणनीति विकसित करें"।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+