दिल्ली हिंसा: पीड़ितों को मुआवजा देने के खिलाफ दायर याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने किया खारिज
नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार द्वारा उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा देने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। बुधवार को इस जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका में कहा गया था कि हिंसा में पुलिस को चोट पहुंचाने के आरोपी और पीड़ित दोनों ही सरकार के मुआवजे का लाभ उठाएंगे।

इस याचिका में कहा गया था कि दिल्ली सरकार किस पैमाने के तहत घायलों को मुआवजा दे रही है। बता दें कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि नार्थ ईस्ट दिल्ली में भड़की हिंसा में हिंदू-मुसलमान सबको नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा था कि हिंसा में जान गंवाने वालों के परिजनों को दिल्ली सरकार 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद देगी। वहीं, मामूली रूप से घायलों को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि हिंसा में घायल लोगों के इलाज का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा था कि अस्पताल में घायलों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है।
इसके पहले, सीएम केजरीवाल ने पीड़ितों के लिए तत्काल राहत राशि की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जिनके घर पूरी तरह से जल गए हैं, उनको तुरंत पैसे की जरूरत है। ऐसे लोगों को सरकार 25-25 हजार रुपए देना शुरू करेगी, ताकि कम से कम उनकी जिंदगी चलती रहे। बता दें कि दिल्ली हिंसा में अबतक 47 लोगों की मौत हुई है जबकि 250 से अधिक घायल हैं। इस हिंसा में आईबी अफसर अंकित शर्मा और हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की हत्या कर दी गई थी।












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