दिल्ली में ऑड ईवन की 5 Odd बातें, जानिए इस बार क्या है खास
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने दिल्ली में Odd Even के फॉर्मूले को लागू करने की अनुमित दे दी है। हालांकि NGT ने इस बार Odd Even के लिए नई शर्तों के साथ लागू करने की अनुमति दी है। NGT ने अपने आदेश में कहा कि किसी अधिकारी, महिला या दो पहिया वाहनों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। NGT ने आदेश में कहा कि सभी प्राइवेट यातायात सर्विस देनें वाले सरकार के साथ कोर्डिनेट कर सीएनजी बसें चला सकते हैं। शनिवार को जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि जब प्रदूषण के कारण पहले से ही हवा खराब हो रही थी, तब क्यों ऑड-इवन लागू नहीं किया गया। साथ ही एनजीटी ने पूछा है कि जब दिल्ली में प्रदूषण अब घट गया है तो इस ऑड-इवन का क्या मतलब।

Delhi Ncr में भी Odd Even
NGT ने निर्देश दिया Odd Evem स्कीम को दिल्ली एनसीआर में भी लागू किया जाना चाहिए। NGT ने कहा है कि अब शहर में जब भी प्रदूषण PM10 का स्तर 500 और PM2.5 का स्तर 300 के पार करे तो सरकार तुरंत ऑड इवन लागू कर दे।

इन्हें मिली है छूट
हालांकि NGT ने अपने आदेश में कहा है कि Odd Even के दौरान इमरजेंसी वाहनों जैसे स्वास्थ्य संबंधी गाड़ियां, पुलिस और फायरब्रिगेड को छूट है।

इस बार महिलाओं को छूट नहीं
बता दें कि दिल्ली सरकार की ओर से Odd even फॉर्मूले को लागू करने के दौरान कहा गया था कि महिलाओं को इससे छूट होगी। इसके साथ ही कहा गया था कि अगर किसी गाड़ी में स्कूली बच्चे हैं तो उन्हें भी इसकी छूट मिलेगी लेकिन NGT ने इस पर रोक लगा दी है।

दो पहिया वाहनों की भी छूट खत्म
दिल्ली सरकार लगातार दो बार से Odd Even के नियमों में दो पहिया वाहनों को छूट दी थी। बता दें कि दिल्ली में 66 लाख दो पहिया गाड़ियां हैं। यह नियम लागू होने के बाद 13 से 17 नवंबर तक 33 लाख दो पहिया वाहनों के चक्के रुक जाएंगे।

VVIP गाड़ियों पर भी रोक
NGT ने VVIP गाड़ियों पर भी रोक लगा दी है। NGT ने कहा है कि Odd Even अधिकारियों की गाड़ियों पर भी लागू होगा। दिल्ली सरकार की ओर से लागू किए गए नियमों में अधिकारियों और VVIP गाड़ियों को छूट मिली थी।

किया उल्लंघन तो लगेगा जुर्माना
Odd Even के नियम का उल्लंघन करने वालों को 2000 रुपये का दंड स्वरूप अदा करने होंगे। सीएनजी वाहनों को छूट दी जाएगी, लेकिन स्टीकर लगा होना चाहिए। इसके साथ ही एनजीटी ने दिल्ली सरकार को धूल से निपटने के लिए सड़कों पर पानी छिड़ना जारी रखने का आदेश दिया।

एक व्यक्ति कितनी बार सही से सांस ले पा रहा है?
इससे पहले एनजीटी ने दिल्ली सरकार को केजरीवाल सरकार से कहा कि आर्डर दिखाइए जिसमे ऑड-इवन लागू करने की बात कह रहे हैं, जिसमे निर्देश है। साथ ही एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि वे स्टेट जारी कर बताएं कि शहर में एक व्यक्ति कितनी बार सही से सांस ले पा रहा है।

कृत्रिम बारिश क्यों नहीं की गई?
एनजीटी ने केजरीवाल सरकार से पूछा था कि जब प्रदूषण बढ़ रहा था तब कृत्रिम बारिश क्यों नहीं की गई, जिससे की शहर के प्रदूषण कम किया जा सके। फिलहाल ऑड-इवन पर निर्णय लेने के लिए एनजीटी की सुनवाई चल रही है, जिसमें तय होगा कि दिल्ली में यह स्कीम लागू होनी चाहिए या नहीं।












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