दिल्ली प्रदूषण पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली के सीएम केजरीवाल
नई दिल्ली। दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। दिवाली तक इसके और खतरनाक होने के आसार है। ऐसे में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट के सामने दिल्ली सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने भी अपनी रिपोर्ट पेश की है कि आखिर वो क्या कदम उठा रहे हैं। सीपीसीबी ने कोर्ट को बताया है कि इस प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर से बचने के लिए वो क्या-क्या उपाय कर रही है।

शिकायत के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रड़ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नागरिकों के शिकायत के लिए फेसबुक और ट्विटर पर सोशल मीडिया एकाउंट्स बना दिए गए हैं। 18 शिकायत भी मिले हैं। जिसक बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस साइट को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए कहा ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सके। वहीं दिल्ली सरकार ने कोर्ट के बताया कि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली में 10 साल से अधिका पुराना डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पेट्रोल वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है।
हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना नहीं
वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने दिल्ली के प्रदूषण पर कहा कि दिवाली से पहले ग्रीन फायरक्रैकर्स पेश किए गए हैं। अभी तक, अगले कुछ दिनों में, हवा की गुणवत्ता में सुधार की कोई संभावना नहीं है, लेकिन हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। जबकि अभी तो दिवाली बची हुई है।
पंजाब और हरियाणा सरकार के दावे गलत
सुनवाई के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब और हरियाणा सरकार ने दावा किया है कि उनकी कोई गलती नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि सैटेलाइट इमेज में साफ दिखाई दे रहा ही कि इन पंजाब में पराली जलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे राजनेताओं से अपील करता हूं कि वे ऐसे गैर जिम्मेदार बयान नहीं देना चाहिए। बल्कि इस मुद्दे को हल करने में मदद करनी चाहिए। इसके साथ-साथ दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट बताया कि 20 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच शहर में कॉमर्सियल वाहनों की पहचान करने के लिए 13 स्थानों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान डिवासइ (आरफआईडी) स्थापित करेगी।












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